GiridihJharkhand

#E-Pass वेबसाइट से गिरिडीह के लोगों को बड़ी मुश्किल से मिल रहा लाभ, साइट खुलने में भी परेशानी

  • काफी प्रयास के बाद वेबसाइट खुलने और पूरी जानकारी अपलोड करने के बाद मिलता ‘इनकरेक्ट’ का जवाब
  • उलझनों के बीच गिरिडीह एनआइसी का दावा- अब तक दो हजार एक सौ 85 लोग ले चुके ई-पास
  • गिरिडीह से दूसरे जिलों में जाने वालों की संख्या 723 तो दूसरे राज्य जाने के लिए बने 462 पास

Giridih: दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की घर वापसी के लिए राज्य सरकार ने ई-पास सिस्टम तो शुरू कर दिया. लेकिन ई-पास को लेकर गिरिडीह लौटने और बाहर जाने वालों के समक्ष उलझनें भी हैं.

ई-पास की वेबसाइट epassjharkhand.nic.in को लेकर दो उलझनें अब तक सामने आयी हैं. पहली उलझन है, वेबसाइट में सही तरीके से हर जानकारी अपटूडेट करना, जबकि दूसरी  है वेबसाइट का काफी प्रयास के बाद वेबसाइट का भी नहीं खुलना.

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कमोवेश, दोनों ही परेशानियों के कारण अब हर वाहन पास के जरूरतमंद को हेल्प डेस्क के लिए जारी नंबरों का सहारा लेना पड़ रहा है.

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जारी हेल्पलाइन नंबर की जब जानकारी ली गयी, तो पता चला कि उस पर करीब डेढ़ सौ लोगों ने कॉल किया. इससे साफ जाहिर है कि राज्य सरकार ने मदद के लिए जो वेबसाइट जारी की है, उसका फायदा भी लोगों को आसानी से नहीं मिल रहा है.

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सबसे बड़ी परेशानी साइट खोलने में

वैसे सबसे बड़ी परेशानी साइट खुलने को लेकर है क्योंकि अनगिनत लोगों ने अब तक एक-दो बार नहीं, कई बार साइट खोलने का प्रयास किया. कुछ लोगों को सफलता मिली, तो साइट खुलने के बाद उसमें जितना ब्योरा मांगा गया उतना देने के बाद भी साइट सही तरीके से अपलोड करने के बजाय इनकरेक्ट बता रही थी.

सबसे अधिक परेशानी गिरिडीह के लोगों के लिए है. ऐसी ही परेशानी दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को भी उठानी पड़ रही है.

जब भी वेबसाइट खोली गयी, तो रीअनलोड ही नजर आया. लिहाजा, गुस्साये लोगों ने फिर वेबसाइट खोलना ही बंद कर दिया.

वेबसाइट खोल कर दूसरे राज्य में फंसे लोग वैसे वाहन और उनके चालकों का पूरा ब्योरा अपलोड करना चाहते थे, जिस राज्य में वे फंसे हैं. इस दौरान दूसरे राज्य और जिलों में फंसे लोगों को फिर अपनों का ही सहारा लेकर ई-पास बनाने की प्रकिया पूरी करते देखा गया.

जानकारी के अनुसार दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को घर वापसी के लिए दूसरे राज्यों के प्रशासन वाहन पास निर्गत तो कर रहे हैं लेकिन वह भी वन-वे पास है.

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क्या कहते हैं प्रशासन के आंकड़े

इस कारण दूसरे राज्य का कोई वाहन चालक गिरिडीह आने का जोखिम उठाना नहीं चाह रहा है. इधर इन उलझनों के बीच ही गिरिडीह प्रशासन के एनआइसी सूचना-प्रौद्योगिकी विभाग का दावा है कि जब से राज्य

सरकार ने इस व्यवस्था की शुरुआत की है तब से जिले में अब तक दो हजार एक सौ 85 वाहन ई-पास निर्गत किये जा चुके हैं जिसमें झारखंड से दूसरे राज्य का वाहन ई-पास लेने वालों की संख्या अगर 462 है तो गिरिडीह से दूसरे जिले में जाने के लिए ई-पास वाहन लेने वालों की संख्या 723 है.

वहीं दोनों के लिए पास कैंसिल कराने वालों की संख्या 647 के करीब है. बहरहाल, ई-पास वेबसाइट को लेकर एनआइसी के ये आंकड़े वाकई चौंकाने वाले भी हैं  कि इन उलझनों के बीच इतने लोगों को ई-पास आखिरकार बन कैसे गया?

वह भी तब जब लॉकडाउन में दूसरे राज्य व जिलों में फंसे लोग लगातार ई-पास की वेबसाइट को खोलने का प्रयास कर रहे हैं.

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