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राजनीतिक विद्वेष के तहत हेमंत पर हुई प्राथमिकी, वापस लेने का आदेश दें मुख्य निर्वाचन आयुक्त : जेएमएम

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  • पट्टा डाल वोट देने पर जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
  • पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिख किया अऩुरोध

Ranchi: जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर चुनावी आचार संहिता के उल्लघंन के मामले में दर्ज प्राथमिकी को पार्टी ने राजनीतिक विद्वेष बताया है. इस संदर्भ में पार्टी ने केंद्रीय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक पत्र लिख मामले की जानकारी दी है. पार्टी महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पत्र में कहा है कि हेमंत सोरेन पार्टी के स्टार प्रचारक हैं. उन्होंने जिस मतदान केंद्र पर वोट दिया था, उस सीट पर पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं था. इसके उलट पीएम मोदी के गत 23 अप्रैल को अहमदाबाद में वोट डालने के वक्त उनके वक्ष में कमल फूल का निशान था. इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना गया. इससे साबित होता है कि राज्य की बीजेपी सरकार अपने उम्मीदवारों की संभावित हार से घबरा गयी है. साथ ही सरकारी दबाव में राजनीतिक विद्वेष के तहत ही हेमंत सोरेन पर प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की है. इस पर पार्टी ने केंद्रीय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से दर्ज प्राथमिकी को अविलम्ब वापस लेने की मांग की है.

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6 मई को पट्टा लगा कर डाला था वोट

मालूम हो कि रांची संसदीय क्षेत्र के लिए गत 6 मई को हुए मतदान के दौरान पोलिंग बूथ संख्या 288 पर पार्टी का पट्टा लगा कर वोट डालने की शिकायत पर झामुमो नेता और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

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उम्मीदवार नहीं स्टार प्रचारक थे हेमंत सोरेन

पार्टी का कहना है कि पांचवें चरण के दौरान अपना वोट देने के बाद उन्हें छठे चरण के लिए प्रचार अभियान में जाना था. अतः उनके गले में पार्टी के चुनाव चिन्ह युक्त पट्टा लगा था. इस लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में हेमंत पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नहीं हैं. जिस वक्त उन्होंने वोट दिया, उस वक्त रांची सीट पर पार्टी का उम्मीदवार नहीं था. इससे उलट बीजेपी उम्मीदवार और वर्तमान में पीएम मोदी ने जब अहमदाबाद में अपना वोट दिया था, तो वहां से बीजेपी के उम्मीदवार भी मैदान में थे.

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सीईओ ने भी कार्य को नहीं माना था उल्लंघन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांते ने स्पष्ट कहा था कि यह कार्य किसी भी प्रकार से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. क्योंकि निर्वाचन में जेएमएम का कोई उम्मीदवार नहीं है और न ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बैलेट यूनिट में तीर-कमान का कोई चिन्ह है. पार्टी महासचिव ने कहा कि दरअसल छठे चरण के निर्वाचन में पार्टी के उम्मीदवार की संभावित विजय से घबरा कर राज्य सरकार एवं रांची जिला प्रशासन पूर्वाग्रह से ग्रसित हो गया है और इसी विद्वेष तथा प्रतिशोध के तहत घटना के आठवें दिन यानी 13 मई को अरगोड़ा थाने में हेमंत पर एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

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