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Jamshedpur : छिन गया 80 वर्षीय वृद्धा का एक मात्र सहारा, बेटी के अंतिम संस्कार तक के रुपये नहीं

Jamshedpur : जमशेदपुर के मानगो स्थित कुंवर बस्ती निवासी 80 वर्षीय वृद्धा की देखभाल उसकी 40 वर्ष की बेटी ही करती थी, लेकिन गुरुवार को उसकी भी मौत हो जाने से अब बुजुर्ग मां अंतिम संस्कार तक भी नहीं कर पाने के लिए लाचार हो गई है. 80 वर्षीय पार्वती सरदारीन और उसकी 40 वर्षीय बेटी भानु सरदारीन पति के मौत के बाद से मां के साथ ही रह रही थी. कोई औलाद नहीं होने से दोनों एक दूसरे के लिए सहारा बने. बेटी भानु कैटरिंग में मजदूरी कर अपनी और अपनी मां की पेट पालती थी.

गुरुवार को प्रतिदिन की तरह नदी में नहाने गयी और वहां से 12:00 बजे घर लौटकर सो गई. शाम 4:30 बजे वृद्ध मां उसे उठाने गई तो वह नहीं उठी. जिसके बाद उसने पड़ोसी को इसकी जानकारी दी. पड़ोसियों की मदद से उसे एमजीएम अस्पताल लेकर जाया गया. जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एमजीएम अस्पताल के इमरजेंसी डॉक्टर रूम के बगल में जमीन पर पड़ी बेटी भानु का शव और उसके बगल में टकटकी लगाए वृद्ध मां. लेकिन शव को ले जाने का इंतजाम तक करने वाला कोई नहीं था.

वह इस इंतजार में बैठी थी कि उसे यह कहकर जाने वाला पड़ोसी कि वह शव लेकर जाने के लिए गाड़ी लेकर आ रहा है. लेकिन अब तक वह नहीं लौटा. फिलहाल बेबस मां इस इंतजार में बैठी रही कि बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कोई सामाजिक संस्था सामने आए. बेटी की मौत के बाद अब एक और परेशानी भी बढ़ गई. जिस घर में रहने के लिए बेटी हर माह 2000 रुपये देकर रह रही थी अब उसके सर के ऊपर से छत भी नहीं रहेगी. वहीं खाने के लिए भी उसे प्रतिदिन जदोजहद करना पड़ेगा.

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