
Ranchi: झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने एक बार फिर खतियान आधारित स्थानीय नीति का समर्थन किया है. रविवार को रांची में न्यूज विंग से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिसके पास खतियान है, उसे ही झारखंडी माना जाना चाहिए. ऐसा नहीं कि जो झारखंड बनने से पहले यहां रह रहे हों उसे ही झारखंडी का दर्जा मिले. जिसके भी पास यहां का खतियानी हो, वही असल झारखंडी है. इसके साथ ही लोबिन ने राज्य में नौकरियों में स्थानीय को प्राथमिकता दिये जाने की मांग दोहरायी. कहा कि खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति से ही यहां के युवाओं का भला होगा. स्थानीय लोगों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. हालांकि, स्थानीय नीति तय करने में कोई खास वर्ष या अवधि तय नहीं होनी चाहिए. ऐसी स्थिति में उनकी समझ से कोर्ट भी हस्तक्षेप नहीं करेगा.
60-40 पर पॉलिटिक्स
60-40 को लेकर युवाओं के बीच जारी आक्रोश के सवाल पर लोबिन ने कहा कि इसे विपक्ष हवा दे रहा है. युवाओं का कहना है कि 1932 के खतियान पर नौकरियां दिये जाने से आखिर बाकि सब कहां जायेंगे. होना यह चाहिए कि झारखंड बनने से पहले जिनके पास भी खतियान है, उसे ही नौकरियों में वरीयता मिले. उन्होंने कहा कि वे हमेशा युवाओं के साथ हैं.
मची है लूट
जमीन लूट और इडी की छापेमारी मामले में लोबिन ने कहा कि अंचल कार्यालयों की भूमिका संदिग्ध है. कर्मचारियों के यहां छापेमारी में इतने रुपये मिले कि नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी. वो सारा पैसा केवल जमीन लूट से कमाया गया है.
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