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जेल से निकले पुराने अपराधी कर रहे हैं जमीन कारोबार, पिछले दो महीनों में राजधानी में जमीन को लेकर हो चुकी हैं छह हत्याएं

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Ranchi : राजधानी रांची और इसके आस-पास के क्षेत्रों में सक्रिय रहे पुराने अपराधी जेल से निकलने के बाद जमीन का कारोबार कर रहे हैं. कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में लोग जमीन के कारोबार से जुड़ रहे हैं. अपराधियों के जमीन के धंधे में उतरने के बाद से रांची में जमीन विवाद के मामले बढ़ रहे हैं. इसके कारण राजधानी में हाल के दिनों में जमीन विवाद में हत्या, फायरिंग सहित अन्य घटनाएं बढ़ी हैं. पिछले दो महीने के दौरान रांची के शहरी क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर छह हत्याएं हो चुकी हैं.

हर तरफ जमीन माफिया का आतंक

हाल के कुछ वर्षों में राजधानी में जमीन माफियाओं का जबर्दस्त आतंक फैला है. शहर में हुए हत्याकांडों में 80 प्रतिशत से ज्यादा हत्याएं जमीन के कारण की गयी हैं. पूर्व में नामकुम, ओरमांझी, टाटीसिलवे, पश्चिम रातू, नगड़ी, उत्तर में कांके, पिठोरिया और दक्षिण में हटिया, डोरंडा, तुपुदाना का इलाका जमीन कारोबारियों की गिरफ्त में है. इन इलाकों में कई बड़े कुख्यात अपराधियों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है.

कई अपराधियों पर लगाया गया सीसीए और किया गया जिलाबदर

जमीन के कारोबार में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की बढ़ती सक्रियता को लेकर रांची पुलिस अपराधी प्रवृत्ति के 27 जमीन कारोबारियों को जिलाबदर भी कर दिया है. वहीं, जमीन के अवैध धंधे में लगे 38 अपराधियों पर सीसीए भी लगाया गया है. अपराधियों के जमीन कारोबार में उतरने के कारण हत्या और गोलीबारी की घटना में इजाफा हुआ है.

जमीन को लेकर हुई हत्या में शामिल अपराधियों को आज तक गिरफ्तार नहीं कर पायी है पुलिस

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हाल के महीनों में जमीन विवाद को लेकर हुई हत्याकांडों में से कई में शामिल अपराधियों को रांची पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. डोरंडा क्षेत्र में हुए अरुण किस्पोट्टा और समु उरांव की हत्या और पंडरा ओपी क्षेत्र में सामी मुंडा हत्याकांड में शामिल अपराधियों को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. हत्या के समय इनके परिजनों ने सड़क जाम की थी, तो उस समय पुलिस ने इन लोगों के परिजनों को जल्द ही हत्यारों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर सड़क जाम हटवाया था, लेकिन आज तक इस मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं. हत्याकांड में शामिल अपराधी आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

पिछले दो महीने के दौरान जमीन विवाद को लेकर हुईं हत्या और गोलीबारी की घटनाएं

  • दो दिसंबर 2018 : पंडरा ओपी के बजरा के मुंडा चौक के सामी मुंडा को अपराधियों ने गोली मार दी थी, जिसके बाद 15 दिसंबर को उनकी मौत हो गयी थी.
  • तीन दिसंबर 2018 : धुर्वा डैम साइड सिंचाई कॉलोनी निवासी जमीन कारोबारी दिलीप पोद्दार को अपराधियों ने गोली मार दी, जिसके बाद चार दिनों के बाद दिलीप पोद्दार की मौत हो गयी.
  • 24 दिसंबर : तुपुदाना ओपी क्षेत्र के सिठियो रिंग रोड के पास रेलवे ओवर ब्रिज पर अज्ञात अपराधियों ने जमीन कारोबारी योगेंद्र महतो की गोली मारकर हत्या कर दी.
  • 28 दिसंबर : डोरंडा थाना क्षेत्र के बड़ा घाघरा में अपराधियों ने जमीन कारोबारी अरुण किस्पोट्टा की गोली मारकर हत्या की.
  • 9 जनवरी 2019 : डोरंडा थाना क्षेत्र में अपराधियों सामू उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी और गोलीबारी में घाघरा ग्राम सचिव शंकर सुरेश उरांव घायल हो गये थे.
  • 28 फरवरी 2019 : जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में हरिशंकर साहू को उसके ही भतीजे भवानी साहू ने कुदाल से मारकर हत्या कर दी.

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