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गेस्ट की लिस्ट में सबसे नीचे था मेयर का नाम, इसलिए सीएम के कार्यक्रम में नहीं हुईं शामिल

प्रोटोकॉल की अनदेखी का लगाया आरोप

Ranchi: सीएम ने शुक्रवार को राजधानी में विकास योजनाओं का शिलान्यास किया. लेकिन इस कार्यक्रम में मेयर डॉ आशा लकड़ा शामिल नहीं हुई. रांची और हटिया के विधायक के साथ-साथ डिप्टी मेयर के अलावा कई पार्षद भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद मेयर ने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का कारण स्पष्ट कर दिया. उन्होंने कहा कि गेस्ट को आमंत्रित करने में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया.

इतना ही नहीं, गेस्ट की लिस्ट में सबसे नीचे मेयर का नाम था. निवेदक नगर विकास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे थे. आमंत्रण सूची में प्रोटोकॉल की अनदेखी कर नगर विकास विभाग के सचिव ने मेयर पद की गरिमा व मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम किया है. संवैधानिक अधिकार के तहत मेयर को शहर के प्रथम नागरिक का दर्जा दिया गया है.

उन्होंने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि वर्तमान में सत्ताधारी दल की मेयर होती तो क्या नगर विकास के सचिव इसी प्रकार प्रोटोकॉल की अनदेखी करते. क्या सत्ताधारी दल को इस पर आपत्ति नहीं होती?

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प्रोटोकॉल की अनदेखी कर किया काम

उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे पूर्व में रांची नगर निगम के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी भी रह चुके हैं. इस लिहाज से उन्हें यह जानकारी है कि संवैधानिक रूप से मेयर पद की गरिमा क्या है?

फिर भी उन्होंने जान-बूझकर आमंत्रण सूची में वरीयता के आधार पर मेयर को अंतिम पायदान पर रखा. कहीं न कहीं उन्होंने राजनैतिक द्वेष की भावना से उत्प्रेरित होकर प्रोटोकॉल की अनदेखी कर इस प्रकार का काम किया है.

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वर्तमान सरकार के पास कोई योजना नहीं

मेयर ने कहा कि मुख्यमंत्री सह नगर विकास विभाग मंत्री हेमंत सोरेन व विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे के पास शहर के विकास को लेकर कोई नई योजना नहीं है. रघुवर सरकार के कार्यकाल में शहर के विकास को लेकर जिन योजनाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी की जा रही थी, आज उन्हीं योजनाओं को गठबंधन की सरकार धरातल पर उतारकर वाहवाही बटोर रही है.

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के पास न तो कोई विज़न है और न ही सोच. रघुवर सरकार के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की तुलना वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों से की जाए तो परिणाम शून्य है.

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