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पलामू में बैंक लॉकर से गहने गायब होने के रहस्य से उठा पर्दा, शराब व्यापार में घाटे की भरपाई के लिए डिप्टी मैनेजर ने उड़ाये गहने

Palamu : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में बैंक लॉकर से गायब हो रहे गहने के रहस्य से पर्दा उठ गया है. पुलिस की छानबीन में बैंक के डिप्टी मैनेजर प्रशांत कुमार की करतूत सामने आयी है. शराब के धंधे में डिप्टी मैनेजर को 40 लाख का नुकसान हुआ था. इसकी भारपाई के लिए उसने लॉकर से गहने चुराए. पुलिस ने डिप्टी मैनेजर के अलावा आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. पूरे मामले की छानबीन तेज है. पुलिस का दावा है कि बुधवार तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी.

विदित हो कि मेदिनीनगर के धर्मशाला रोड स्थित यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से, जो अब पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज हो चुका है, इस बैंक में ग्राहकों के लॉकर से करोड़ों के गहने गायब कर दिये गये हैं. दस दिन पूर्व चियांकी अनुसंधान क्षेत्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक सिन्हा ने अपने लॉकर से गहना गायब होने का मामला शहर थाना में दर्ज कराया था. इसके बाद से अब तक पांच ग्राहकों के लॉकर से जेवर गायब होने की बात सामने आ चुकी है.

 

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गहने निकाल कर लॉकर को किया लॉक 

यूनाइटेड बैंक में ग्राहकों के लॉकर से करोड़ों के गहने गायब कर दिया गया है. इसे लेकर बैंक के डिप्टी मैनेजर प्रशांत कुमार पुलिस हिरासत में है. डिप्टी मैनेजर ने ही कुछ लोगों के साथ मिलकर ग्रहकों के बैंक लॉकर को पहले तोड़ा और गहने निकालने के बाद नया लॉक लगा दिया. पूछताछ में पुलिस को कई लॉकरों में छेड़छाड़ की जानकारी डिप्टी मैनेजर ने दी है.

 

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तोड़े गए लॉकर

सोमवार को पूरे दिन चार ग्राहकों का लॉकर खोलने के लिए प्रयास करने के बाद भी जब आसानी से नहीं खुले तो तोड़ने का निर्णय लिया गया. सदर बीडीओ सह मजिस्ट्रेट, आरोपी डिप्टी मैनेजर, पुलिस और ग्राहकों की मौजूदगी में लॉकर तोड़े गये. लॉकर टूटते ही वहां मौजूद चारों ग्राहक डॉ. जय कुमार, शिक्षक रमण किशोर, एनपीयू कर्मी राजीव मुखर्जी और वेद प्रकाश शुक्ला के होश उड़ गये. उनके लॉकर से सोने के सारे जेवरात गायब कर दिये गये हैं. इसके बाद उनकी पत्नियां बैंक में ही रोने बिलखने लगीं.

 

लॉकर नंबर 72, 28, 24 एवं 46 को तोड़ा गया

बैंक लॉकर को तोड़ने और उससे गायब संपत्ति का मिलान करने में दो घंटे से अधिक का समय लगा. शाम पांच बजे से 7 बजे तक यह कार्रवाई की गयी. पूरे मामले की वीडियो और फोटोग्राफी करायी गयी. पहले लॉकर नंबर 72 को तोड़ा गया, उसके बाद 28 और फिर 24 को तोड़ा गया. अंत में 46 को तोड़ा गया. एक लॉकर में कुछ भी सामान बरामद नहीं किया गया. अन्य दो में चांदी के जेवरात थे, सोने का सारा सामान गायब कर दिया गया था. लॉकर से गहने गायब होने पर महिला ग्राहकों ने जमकर डिप्टी मैनेजर को कोसा. हालांकि इस दौरान डिप्टी मैनेजर सभी ग्राहकों दिलासा देते रहा कि किसी का सामान गायब नहीं हुआ है. सबका जो समान है, वह मिल जायेगा.

 

डिप्टी मैनेजर ने लॉकडाउन 2 का उठाया गलत फायदा

डिप्टी मैनेजर प्रशांत ने लॉकडाउन 2 का गलत फायदा उठाया. इस दौरान बैंक में इक्के दुक्के ग्राहक आते थे. इसी समय लॉकर को तोड़वा कर उसमें से गहने उड़ा लिए. डिप्टी मैनेजर गायब गहनों को वह स्वर्ण व्यवसायियों के पास तीन प्रतिशत के ब्याज दर पर गिरवी रखता था और उससे मिले पैसे को वह पांच प्रतिशत ब्याज पर लगाता था. इस मामले में पुलिस ने शहर के कुछ स्वर्ण व्यवसायियों को भी हिरासत में लिया है.

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