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गढ़वाः मंदिर की जमीन बताकर भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में परिवार पर किया हमला, पति-पत्नी समेत बच्ची घायल

हमला करने के बाद जय श्री राम का नारा लगाते लौटी पुलिस

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Ranchi/Garhwa:  उन्मादी भीड़ का कोई धर्म नहीं होता. बल्कि धर्म के नाम पर उन्माद फैलाकर समाज में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए हथकंडा के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. अपना स्वार्थ साधने के लिए हाल के दिनो में धर्म का परचम खूब रहरया जा रहा है. इस तरह की एक घटना झारखंड में भी समाने आयी है. जहां एक गुट के लोगों ने दूसरे गुट के एक अर्धनिर्मित घर पर धावा बोला. और पुलिस मूकर्दशक बन देखती रही. गढ़वा जिला के बरगड़ बाजार में 14 मई 2019 को यह घटना घटी है. इससे पहले झारखंड में भीड़ के द्वारा आदिवासी और मुस्लिम परिवारों को शिकार बनाने की कई घटना सामने आ चुकी है.

क्या है मामला

बरगड़ बाजार हनुमान मंदिर के बगल में रामस्वरूप प्रजापति अपने परिवार के साथ अपनी खतियानी जमीन में बने अर्द्धनिर्मित घर में रह रहे थे. 14 मई को 10:00 बजे के करीब सौकड़ो लोग लाठी डंडे के साथ अचानक आये और उनपर हमला किया. ये लोग सैकड़ों की संख्या में थे. हमले के दौरान भीड़ चिल्ला-चिल्लाकर यह कहती रही कि मंदिर की जमीन पर घर क्यों बना रहे हो?  तोड़ो घर को तोड़ो, आग लगा दो इसके घर में. साथ ही भीड़ गलियां भी दे रही थी.

महिला का बाल पकड़कर उसे घर से निकाला

रामस्वरूप की पत्नी प्रमिला देवी ने बताया कि बड़गड़ ओपी प्रभारी की मौजूदगी में ही हमलावरों ने मेरे साथ हाथापाई की. मेरे सिर का बाल पकड़कर मुझे घसीटते हुए घर से बाहर ले गये. हमलावरों ने उनके पति को भी गला पकड़कर घर से बाहर निकाला. ऐसे ही बारी-बारी से उनकी 13 वर्षीय बेटी प्रतिमा कुमारी, 15 वर्षीय बेटा अनरंजन प्रजापति एवं 17 वर्षीय बेटा प्रताप प्रजापति को भी घर से निकाला. ओपी प्रभारी के सामने ही पूरे परिवार को पीटा और घायल कर दिया.

भीड़ ने की छिनतई

भीड़ में से किसी ने नाक का छुछिया, एक चेन कानबाली छीन लिया. उनके कपड़े फाड़ दिये. बाद में ओपी प्रभारी के मनाने पर वे वापस लौटते. प्रमीला देवी कहती है वह अपने परिवार की जान बचाने के लिए आस-पास जो भी मिला उससे निवेदन किया. लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी. झड़प में रामस्वरूप और उसकी बेटी के सिर पर गंभीर चोटें आयी हैं. बता दें कि घटना स्थल और ओपी दोनों बड़गड़ बाजार में ही अवस्थित हैं.

जय श्री राम का नारा लगाते लौटे भीड़ में शामिल लोग

भीड़ ने परिवार को हिंसा का शिकार बनाने के बाद वापस जाने के क्रम में बाजार की दुकानों को बंद करवाया. बीच सड़क पर टायर जलाकर जय श्री राम के नारे भी लगाये गये. भीड़ में मौजूद सभी लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर, लोहे के रड एवं लाठी डंडे थे.

हादसे के बाद पहुंची पुलिस

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रिश्ते को शर्मसार करने वाले इस पूरे मामले के आरोपी भतीजे सद्दाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

SMILE

मामला शान्त होने के कुछ देर बाद थाना प्रभारी भण्डरिया भी सदल-बल घटना स्थल पहुंचे. पहुंचते ही पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों को अपनी गाड़ी में बैठाकर गेट बाहर से बन्द कर दिया. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी, रंका एवं पुलिस उपाधीक्षक रंका भी घटना स्थल पहुंचे. इसके बाद प्रमिला देवी को छोड़ रामस्वरूप प्रजापति एवं उनके बच्चों को इलाज के लिए भण्डरिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया. इलाज के बाद थाने में उन्हें लगभग पांच घंटे तक रखा गया.

पीड़ित के घर का समान थाना ले गयी पुलिस

जब प्रमिला देवी अपना घर लौटी तो घर में कुछ भी नही था. घर आने के बाद प्रमिला देवी को बताया गया कि पुलिस अधीक्षक रंका के मौखिक आदेश पर उनके अर्द्धनिर्मित घर को तोड़ दिया गया एवं घर में लगा हुआ सभी लकड़ी, उसमें लगा त्रिपाल, घर के अन्दर मौजूद एक ड्रम आदि ट्रैक्टर में लादकर बिना किसी जब्ती रसीद के भण्डरिया थाना ले गये.

हमलवारों पर पुलिस नही कर रही कार्रवाई

स्थानीय लोगो के अनुसार हमलावर प्रभावशाली लोग हैं. नारद प्रसाद मन्दिर कमिटि के सदस्य सह हिन्दू जागरण मंच, बड़गड़ पंचायत के संयोजक बताये जाते हैं. जो इससे पहले सरकारी मशीनरी से मिलकर रामस्वरूप प्रजापति के पास मौजूद जमीन के कागजात को ही फर्जी साबित करने की कोशिश करते रहे हैं.  स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं सामान्य प्रशासन, जो संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की शपथ लेते हैं, परन्तु राजनीतिक दबाव में ऐसा करते नहीं है.

जमीन का मालिकाना हक है रामस्वरूप के पास

रामस्वरूप प्रजापति के पास भू-मालिकाना संबंधी सारे दस्तावेज मौजूद हैं. इसमें हुकुमनामा बनाम हीरा महतो शामिल है. यह दस्तावेज उन्हें प्रोपराईटर, चैनपुर स्टेट, पलामू द्वारा 24/09/1946 को निर्गत किया गया है. जिसका शुमार नंबर 126, दरखास्त नम्बर 601 एवं रकबा एक एकड़ 37 डिस्मिल है. दूसरा दस्तावेज है अदालती डिग्री. व्यवहार न्यायालय, सिविल जज (सिनियर डिविजन) 1, गढ़वा में टाईटल सूट नम्बर 70/2013 दायर की गयी थी. जिसमें प्रथम पक्ष रामस्वरूप प्रजापति पिता हीरा महतो तथा द्वितीय पक्ष (1) संतोष प्रसाद गुप्ता पिता स्व शाहदेव साव (2) संदीप प्रसाद गुप्ता पिता स्व गोरख साव (3) मन्दीप गुप्ता पिता लालबिहारी साव (4) भरत साव पिता स्व राधा साव (5) प्रेम सागर साव पिता स्व राम किशुन केशरी एवं (6) सुनेश प्रसाद केशरी पिता स्व राम किशुन केशरी, सभी ग्राम बड़गड़, थाना भण्डरिया, जिला गढ़वा के निवासी हैं. इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी गवाहों और भू-दस्तावेज रामस्वरूप प्रजापति द्वारा पेश किया गया और खाता नं 1929 में 40 डिसमिल तथा खाता नं 1655 में 03 डिसमिल जमीन पर रामस्वरूप प्रजापति को डिग्री दस्तावेज निर्गत किया गया. वर्त्तमान ऑनलाईन पंजी 2 में भी रामस्वरूप के नाम से 03 डिसमिल जमीन दर्ज है एवं ऑॅनलाईन रसीद पेज नं 343, वॉल्यूम नं 01, रसीद सं 0994936642 में 40 डिसमिल जमीन की रसीद 02 मई 2019 को सरकार द्वारा दी गयी है.

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