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मामला अटल वेंडर मार्केट में दुकान आवंटन काः पत्रकारों ही नहीं मंत्री, अफसरों से लेकर जनता तक को बेवकूफ बनाया

न्यूज विंग से बातचीत में उपनगर आयुक्त ने स्वीकारा- दूसरे वेंडर मार्केट को लेकर बुलायी गयी थी मंगलवार की बैठक

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Ranchi: कचहरी रोड स्थित अटल वेंडर मार्केट में बनी दुकानों के आवंटन को लेकर 25 मार्च को एक खबर छपी थी. खबर थी कि जिन दुकानदारों ने फुटपाथ का कभी मुंह भी नहीं देखा, उन्हें भी दुकानें आवंटित कर दी गयी हैं. फिर 17 अप्रैल को एक खबर छपी कि फर्जी दुकानदारों का पता लगाने के लिए री-वेरिफेशन होगा. लेकिन इन दोनों खबर पर नगर निगम के उपनगर आयुक्त शंकर यादव ने आपत्ति जतायी है. न्यूज विंग संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा है कि गत मंगलवार को टाउन वेडिंग कमिटी की जो बैठक हुई थी, उसमें दुकान आवंटन में री-वेरिफेशन की बात पर कोई चर्चा ही नहीं हुई थी. उक्त बैठक तो शहर में बननेवाले अन्य वेंडर मार्केट को लेकर थी. वहीं कुछ सदस्यों द्वारा दुकान आवंटन में धांधली होने की बात पर उन्होंने कहा कि बनायी गयी लिस्ट पूरी तरह से सही है. अगर एक-दो दुकानदारों को फर्जी तरीके से दुकानें आवंटित हुई भी हों, तो यह देखना कमिटी के सदस्यों का काम हैं. अगर किन्हीं सदस्यों को कोई दिक्कत है भी, तो उन्हें बैठक में यह मुद्दा उठाना चाहिए. लेकिन ऐसी बातें बैठक में सामने नहीं आयीं.

ताकि बच जायें कसूरवार…

उल्लेखनीय है कि रांची के प्रमुख समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद नगर निगम की तरफ से खंडन नहीं भेजा गया. न ही प्रमुख अखबारों के रिपोर्टरों ने सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की. कितनाी आश्चर्यजनक बात है कि जहां पूरी सरकार है. वहां वेंडरों को दुकान आवंटन करने में गड़बड़ी कर दी जाती है. जांच होती है. गड़बड़ी पकड़ी जाती है. कार्रवाई भी होती है. पर गड़बड़ी के जिम्मेदार को बचा लिया जाता है. क्योंकि गड़बड़ी करने का आरोपी एक आइएएस अफसर का कथित तौर पर रिश्तेदार है. और तो और सरकार, सिस्टम और जनता को बेवकूफ बनाने के लिए अखबारों में गलत खबर छपवा दी जाती है. ताकि लगे कि नगर निगम के शीर्ष अधिकारी और कमेटी ईमानदारी से काम कर रहे हैं.

रिपोर्टरों को टीवीसी सदस्यों ने दी थी गलत जानकारी

मंगलवार की बैठक में दुकान आवंटन की री-वेरिफिकेशन की बात हो या दुकान आवंटन में धाधंली की बात. इन सभी मुद्दों पर टाउन वेंडर कमिटी (टीवीस) के सदस्यों ने सभी रिपोर्टरों को गलत जानकारी दी थी. नगर आयुक्त ने पहले ही सभी रिपोर्टरों को सभी बैठक में शामिल होने से पहले ही मनाही कर रखा है. वैसे में सदस्यों ने अटल वेंडर मार्केट में गड़बड़ी होने या री-वेरिफिकेशन की बात बतायी, जो कि उपनगर आयुक्त के कथन अनुसार पूरी तरह से गलत साबित होती है.

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आरोप से इत्तेफाक नहीं रखते उपनगर आयुक्त

मालूम हो कि टाउन वेंडिंग कमिटी (टीवीसी) के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया था कि नगर आयुक्त के रिश्तेदार एवं मार्केट का काम देख रहे सिटी मिशन मैनेजर विकास कुमार ने दुकान आवंटन की सूची पर जबरन उनसे साइन करवाया था. ताकि हुई धांधली पर पर्दा डाला जा सके. इनका आरोप था कि गत 7 मार्च को निगम ने लॉटरी आवंटन के माध्यम से जिन दुकानदारों को दुकानें आवंटित की थीं. गत मंगलवार को वेंडर मार्केट समिति की एक बैठक निगम सभागार में हुई थी. खबर छपी थी कि आवंटित दुकानों का री-वेरिफिकेशन होगा. इसी खबर से उपनगर आयुक्त शंकर यादव पूरी तरह से इत्तेफाक नहीं रखते हैं. उनका स्पष्ट कहना है कि इस बैठक में अटल वेंडर मार्केट नहीं बल्कि निगम क्षेत्र में बनने वाले अन्य मार्केट पर विचार-विमर्श हुआ था. साथ ही अटल वेंडर मार्केट में दुकान आवंटन की लिस्ट पूरी हो चुकी है. बैठक में दुकान सौंपने पर भी बातचीत हुई थी. एक-दो दिन बाद बुलायी गयी बैठक में इस फाइनल सूची पर सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा.

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नहीं मिला नगर आयुक्त का जवाब

पूरे मामले पर न्यूज विंग ने नगर आयुक्त मनोज कुमार से दुकान आवंटित में हुई धांधली पर उनसे कुछ सवाल सोशल मीडिया “whatsapp” के द्वारा किया था. पूछे गये सवालों की संख्या तीन थी. लेकिन नगर आयुक्त के द्वारा इसका कोई जवाब भी नहीं आ सका. ये थे सवाल.

सवाल…1-  वेंडर मार्केट में क्या किसी तरह की कोई गड़बड़ी हुई है.

सवाल…2-  अगर गड़बड़ी हुई है, तो उसपर क्या जांच की गयी. अगर हां, तो क्या कार्रवाई की गयी.

सवाल…3-  टीवीसी सदस्यों के मुताबिक बैकडोर से कई दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गयीं. मीडिया में भी यह खबर लगातार छपी थी. क्या वाकई ऐसा हुआ है या मीडिया की खबर पूरी तरह से गलत है.

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नगर आयुक्त पहले ही ले चुके हैं एक्शन

गत 2 अप्रैल को हुई बैठक में नगर आयुक्त के आदेश पर जोर डालते हुए उप नगर आयुक्त ने कहा कि उस वक्त ही 11 दुकानदारों को हटाने का निर्देश देते हुए एक्शन लिया था. अन्य संदिग्ध नामों के जांच की बात भी नगर आयुक्त की थी. मंगलवार की बैठक में इसपर विशेष चर्चा हुई. अंतिम लिस्ट तैयार हो गयी है, अगली बैठक में इसपर सभी समिति के सदस्य हस्ताक्षर करेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कई बार फर्जी तरीके से लोग सरकारी नौकरी पा लेते हैं. बाद में जब इस सच्चाई का पता चलता है, तो उसपर कानूनी कार्रवाई की जाती है. उसी तरह अगर अटल वेंडर मार्केट में एक-दो दुकान गलत आवंटित होती है, तो भविष्य में इसकी जानकारी मिलते ही इसपर कार्रवाई होगी. जहां तक नगर आयुक्त के रिश्तेदार व सिटी मिशन मैनेजर पर आरोप लगा भी है, तो उसी संदर्भ में तो 11 दुकानदारों को आवंटित लिस्ट से बाहर किया गया है.

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