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एमजीएम अस्पताल का मेन गेट जामकर घंटों काटा बवाल, परिजनों ने लगाया प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, कहा-बेटे का उचित इलाज नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में थे पिता, इसलिए गवां दी जान

Jamshedpur : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज एवं हॉस्पिटल आये दिन अपने कारनामों की वजह से सुर्खियों में रहता है. ताजा मामला एमजीएम हॉस्पिटल के आर्थो वार्ड से जुड़ा है. जहां इलाजरत एक पुत्र के पिता ने बीते बुधवार की रात अस्पताल के बरामडे में ग्रील में गमछा के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद मृतक के परिजनों समेत बस्तीवासियों ने अस्पताल की लचर व्यवस्था एवं डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुरुवार की सुबह जमकर हंगामा किया. इस दौरान परिजनों ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार को जाम कर दिया और अस्पताल जाने वाली सड़क पर धरने पर बैठ प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई समेत मुआवजे की मांग करने लगे. इस दौरान अस्पताल के मुख्य द्वार पर तैनात होम गार्ड के जवानों ने मेन गेट को बंद कर दिया और सभी के प्रवेश पर रोक लगा दी. इससे मरीजों को भी थोड़ी-बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा. हांलाकि बाद में साकची थाना के आने पर पुलिस के द्वारा परिजनों को लिखित शिकायत देने को कहा गया. जिसके बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही गयी. इसपर परिजन शांत हुए और जाम हटाया.

दरअसल, सोनारी निवासी मृतक राज महतो के पुत्र का इलाज पिछले लगभग तीन सप्ताह से अस्पताल में चल रहा था. जानकारी अनुसार मृतक के पुत्र का सड़क दुर्घटना में पैर टूट जाने के कारण उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां आर्थो वार्ड में उसका इलाज चल रहा था. इधर, परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर मृतक के पुत्र के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक के बच्चे का इलाज सही तरीके से नहीं होने के कारण उसके पिता गंभीर मानसिक तनाव में थे. इसके कारण उन्होने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी. इस कारण अस्पताल प्रबंधन को उनके परिवार को उचित मुआवजा देना चाहिए.

 

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