JharkhandRanchiTop Story

ट्राइबल सब-प्लान के पैसे से किया जा रहा लोकमंथन कार्यक्रम का आयोजन

Ranchi : राज्य में एक तरफ मलेरिया, भूख, बीमारी, रोजगार के अभव में आदिवासी समाज दूसरे राज्य की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्राइबल सब-प्लान के पैसे से लोकमंथन कार्यक्रम का आयोजना किया जा रहा है. 27 सितंबर से 30 सितंबर तक चलनेवाले इस लोकमंथन कार्यक्रम के आयोजन का संभावित व्यय चार करोड़ रुपये माना गया है, जिसका प्रावधान बजट मुख्य शीर्ष 2205 कला एवं संस्कृति, लघु शीर्ष 796 जनजातीय क्षेत्र उपयोजना का उपशीर्ष 39 से किया गया है.

इसे भी पढ़ें- RSSऔर सरकार के कार्यक्रम ‘लोकमंथन’ पर खर्च होंगे चार करोड़, व्यवस्था में लगाये गये पांच…

मंत्री बाउरी बोले- एक भारत, श्रेष्ठ भारत पर चर्चा करना कार्यक्रम का मूल उद्देश्य

Catalyst IAS
ram janam hospital

कार्यक्रम के अयोजना को लेकर सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सह लोकमंथन कार्यक्रम की आयोजन समिति के अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा कि लोकमंथन का यह दूसरा संस्करण है, जिसका आयोजन झारखंड में किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण पर चर्चा करना है. उन्होंने बताया कि लोकमंथन कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करेंगे और समापन समारोह में लोकसभा की सभापति सुमित्रा महाजन मौजूद होंगी. इनके अलावा चार दिनों के कार्यक्रम में देश के कई प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे. 26 सितंबर को लोकमंथन से जुड़ी प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष दिनेश उरांव द्वारा किया जायेगा.

The Royal’s
Sanjeevani

इसे भी पढ़ें- भाजपा बड़ी है या ढुल्लू ?

कर्म और विचार से भारत के निर्माण की कोशिश की जायेगी : दीपक शर्मा

लोकमंथन कार्यक्रम की आयोजन समिति के दीपक शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्ञान के प्रकाश को उतारने की कोशिश की जायेगी. यह कार्यक्रम प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित है. यह कार्यक्रम द्विवर्षीय कार्यक्रम है. दीपक शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्घाटन 26 सितंबर को हो रहा है, जिसका उद्घाटन स्पीकर दिनेश उरांव करेंगे. वहीं, पद्मश्री अशोक भगत सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे. उन्होंने कहा कि तीन दिनों में तीन विषयों पर चर्चा होगी. पहले दिन समाज का अवलोकन, दूसरे दिन व्यवस्था का अवलोकन (सेवा का भाव कैसा हो) और तीसरे दिन विश्व अवलोकन पर चर्चा होगी. इन सब चर्चा के बीच धुआं बैंड की प्रस्तुति भी होगी. उन्होंने कहा कि चार दिनों में कर्म और विचार के माध्यम से भारत के निर्माण की कोशिश की जायेगी. प्रज्ञा प्रवाह की तरफ से झारखंड सरकार को धन्यवाद है. एक सवाल के जवाब में दीपक शर्मा ने कहा कि यह पूरे राष्ट्र का कार्यक्रम है. हमारा मंत्र है ‘भारत पहला’.

Related Articles

Back to top button