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मंगलवार को लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, बनेंगे कई अजब गजब संयोग

हल्के में ना लें इस चंद्रग्रहण को, महाभारत काल में भी लगा था ऐसा ही ग्रहण

Dharmendra Pathak

Chatra:  स्नान दान का पवित्र माह कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, उत्तर पूर्व यूरोप के कुछ भाग तथा दक्षिणी अमेरिका के अधिकांश भाग में दिखाई देगा. यूनिवर्सल टाइम के अनुसार इस ग्रहण का आरंभ दोपहर 1:32 से होगा.  जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श के आचार्य चेतन पाण्डेय ने बताया कि भारत में यह ग्रहण शाम 5:09 से रात्रि 6:19 तक रहेगा.  क्योंकि भारत में चंद्रोदय साम 5:09 बजे पर हो रहा है. इसलिए यहां ग्रहण की मान्यता चंद्र उदय के साथ ही होगा. भारत में ग्रहण की अवधि 1 घंटा 10 मिनट होगा. आचार्य चेतन पाण्डेय ने बताया कि सूर्य ग्रहण के बाद से कई हादसे  देखने को मिले हैं. जैसे बांग्लादेश में तूफान, साउथ कोरिया में हेलोवीन हादसा, सोमालिया में आतंकी हमला, फिलीपींस में पैंग तूफान, गुजरात के मोरबी में पुल का टूटना आदि. शास्त्रों के अनुसार जब दो-दो ग्रहण एक साथ एक ही महीने में होते हैं तो तूफान, भूकंप, मानवीय भूल से बड़ी संख्या में जनहानि होने के योग बनते हैं. एक ही महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण होते हैं तो सेनाओं की हलचल बढ़ती है. सरकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्राकृतिक आपदा आने के योग रहते हैं.  आचार्य ने बताया कि चंद्र ग्रहण भरणी नक्षत्र और मेष राशि में घटित होगा. ऐसे इस नक्षत्र और राशि में जन्में व्यक्तियों को कष्टप्रद रहेगा. ग्रहण के समय चंद्र राहू- का सूर्य-बुध-शुक्र-केतु से समसप्तक योग बनने व कार्तिक मास में मंगलवारी पूर्णिमा होने से जन धन की हानि तथा धातु व रस पदार्थों में तेजी भी ला सकता है. इसके साथ साथ ही लूटपाट, चोरी, डकैती, अग्नि कांड, प्रदर्शन आदि जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. शीतकालीन फसलों में रोग का प्रकोप देखने को मिल सकता है. राजनीति में काफी उथल-पुथल की स्थिति बनती दिख रही है.

नौ घंटे पूर्व शुरू होगा ग्रहण सूतक

आचार्य ने बताया कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल 09 घंटे पहले ही लग जाता है. इसलिए 08 नवंबर को लग रहे चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 08 बजकर 09 मिनट से लग जाएगा. ग्रहण से पहले 3 प्रहर के लिए सूतक मनाया जाता है. चंद्र ग्रहण के सूतक काल में भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें. पूजा-पाठ करने से बचें. भोजन न करें और सोएं नहीं. गर्भवती महिलाएं, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें.

चंद्र ग्रहण में न करें ये गलतियां

चंद्र ग्रहण और इसके सूतक काल में कुछ खास गलतियां करने से बचना चाहिए. इसमें भगवान की पूजा-पाठ वर्जित होती है. ग्रहण या सूतक काल में भगवान की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि ग्रहण या सूतक काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. ग्रहण काल में भोजन करने या सोने की भी मनाही होती है. चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है. इसमें काटने, छीलने या सिलने का काम भी नहीं करना चाहिए. इसमें नुकीले या तेजधार वाले औजारों के इस्तेमाल की भी मनाही होती है.

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