JharkhandLead NewsRanchi

नहीं थम रही कांग्रेस में अंदरूनी कलह, अब तबादले को लेकर बढ़ रही नाराजगी

GYAN RANJAN

Ranchi: झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले सरकार में तरजीह नहीं मिलने और प्रदेश अध्यक्ष के विरोध में विधायकों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई थी, जिसको लेकर रांची से दिल्ली तक बातें गयी थी. किसी तरह से इसे मैनेज किया गया. अब नया बखेड़ा तबादले को लेकर सामने आ रहा है. कांग्रेस पार्टी में आलम यह है कि प्रदेश अध्यक्ष का विरोध कर रहे नेताओं के खिलाफ समर्थक गुट मुखर हो रहा है तो मौका मिलते ही विधायक भी हमलावर हो जाते हैं. एक बार फिर तकरार बढ़ती दिख रही है.

महिला विधायकों को लेकर आगे चल रहीं दीपिका पांडेय सिंह के खिलाफ अभी हाल में ही अध्यक्ष गुट के नेताओं ने प्रेस के माध्यम से आरोप लगाए थे. अब दूसरे गुट भी हावी हो रहे हैं. खासकर हाल में लिये जा रहे निर्णयों से पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. पिछले चंद दिनों में कांग्रेस मंत्रियों के विभागों में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है. बताते हैं कि इन तबादलों में ना तो विधायकों की सुनी गई है और ना ही सलाह ली गई है. इससे नाराजगी बढ़ रही है.

advt

मंत्री बाहर तो बोलते हैं लेकिन कैबिनेट में नहीं उठाते बात

कांग्रेस पार्टी के भीतर चर्चा यह है कि हेमंत सरकार में पार्टी के चार मंत्री हैं. जिस वायदे के साथ पार्टी सत्ता में आई थी उसपर सरकार में शामिल मंत्री बाहर तो बोलते हैं लेकिन कैबिनेट में उस मुद्दे को नहीं उठाते. अभी ताजा मामला पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण का है.

इसे भी पढ़ें :Flipkart Big Saving Days Sale में स्मार्टफोन पर मिलेगी 20,000 तक की छूट! TV और कपड़ों पर बंपर डिस्काउंट

सबसे पहले इस मामले को विधायक दीपिका पाण्डेय और ममता देवी ने उठाया. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने मीडिया के समक्ष इस मांग को रखा. पार्टी कार्यकर्ताओं के भीतर चर्चा यह है कि प्रदेश अध्यक्ष सरकार में मंत्री भी हैं, जिस बात को वह मीडिया में उठाते हैं उसे कैबिनेट की बैठक में क्यों नहीं रखते. प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान आता है कि विधायकों को जो भी बात करनी हो पार्टी फोरम पर करें, लेकिन जब अपनी बात आती है तो बिना किसी से सलाह मशविरा किये बयान दे देते हैं. इसी तरह रोजगार का मुद्दा भी है. इसपर भी सरकार में शामिल मंत्री कैबिनेट में बात नहीं रखते.

सांगठनिक विस्तार नहीं होने से भी कार्यकर्ताओं में रोष

पिछले चार वर्षों से कांग्रेस का संगठनिक विस्तार नहीं हुआ है. इससे पहले पूर्व अध्यक्ष सुखदेव भगत के समय कांग्रेस कार्यसमिति का विस्तार हुआ था. डॉ अजय कुमार का कार्यकाल बिना कार्यसमिति विस्तार के ही समाप्त हो गया. वर्त्तमान प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल का भी दो वर्ष पूरा होने को है लेकिन अबतक कार्यसमिति विस्तार की सुगबुगाहट नहीं है. कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भी रोष है कि चंद लोग की गिरफ्त में पार्टी काम कर रही है. विधायकों और कार्यकर्ताओं के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ आये बयान के बाद जिस तरह से प्रदेश अध्यक्ष के कुछ चहेते मीडिया में विधायकों और समर्पित कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हैं, इससे भी नाराजगी बढ़ रही है.

इसे भी पढ़ें :धनबाद : कोरोना जांच करने वाले मेडिकल कर्मियों को नहीं मिल रहा है वेतन

सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने उठाये सवाल

कांग्रेस के सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने स्वास्थ्य विभाग में तबादलों की पोल खोलकर रख दी है. उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को जोड़ते हुए ट्वीट किया है कि सिमडेगा में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है. ऐसे मंह 11 डॉक्टरों को बाहर भेजकर महज चार को सिमडेगा भेजा गया है.

उन्होंने मुख्यमंत्री से जिले में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों को पदस्थापित और प्रतिनियुक्त करने की मांग की है. अन्य विधायक तो इतने मुखर नहीं हैं, लेकिन कृषि और ग्रामीण विकास विभाग में तबादलों पर भी नेता सवाल उठा रहे हैं. कुछ नेता तो यहां तक बोल रहे हैं कि जल्दबाजी में किए गए तबादलों से गलत संकेत जा रहा है.

इसे भी पढ़ें :ADJ उत्तम आनंद मामले की हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू, पूछा- एफआईआर दर्ज करने में क्यों हुई देरी?

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: