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अमेरिकी प्रतिबंध का असर, पीएम ने ईरान से तेल आयात को लेकर बैठक की, 10 प्रतिशत कटौती का निर्णय

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ने के कारण अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर रोक लगा दी है

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NewDelhi : ईरान से कच्चे तेल के आयात में 10 प्रतिशत की कटौती की जायेगी. बता दें कि भारत अपनी आवश्यकता का 83 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है. भारत ने 2017-18 की अवधि में 220.4 मिलियन मीट्रिक टन तेल का आयात किया था.  इसका 9.4 प्रतिशत तेल ईरान से मंगाया गया था. प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को चार नवंबर से अमेरिकी प्रतिबंधों के आलोक में ईरान-भारत तेल आयात के संदर्भ में उच्चस्तरीय बैठक की.  जान लें कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ने के कारण अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर रोक लगा दी है. बैठक में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पेट्रोलियम सचिव एमएम कुट्टी के अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के उच्चाधिकारी शामिल हुए. बैठक में तय हुआ कि ईरान से कच्चे तेल के आयात में 10 प्रतिशत की कटौती करेंगे. इस कटौती का लक्ष्य हासिल करने के तौर तरीकों के बारे में गहन विमर्श किया गया. बैठक में शामिल विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार ईरान से तेल मंगाना बंद नहीं करेगा, हालांकि ईरान से आयात में कटौती करते हुए सुनिश्चित किया जायेगा कि ईरानी तेल पर हमारी निर्भरता कैसे खत्म हो.

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ईरान को रुपए में भुगतान करने पर सहमति बनी

बताया गया कि अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने की समयसीमा (चार नवंबर) के बाद ईरान को रुपए में भुगतान करने पर सहमति बनी है.  बैठक में कच्चे तेल के वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उत्पादन को लेकर चर्चा हुई. जान लें कि सरकार ने तेल की खोज व उत्पादन नीति में बदलाव करते हुए उसे निवेशकों के हक में लचीला बनाया है.  बता दें कि खोज व उत्पादन कंपनियां अब कानूनी रूप से उन फील्ड से शेल गैस व कोयले से मीथेन गैस निकालने जैसे गैर-परंपरागत संसाधनों का उपयोग कर सकती हैं, जो उन्हें परंपरागत तेल व गैस उत्पादन के लिए दिये गये है.  कहा गया है कि इन उपायों को अपनाने से तेल व गैस उत्पादन बढ़ेगा,  हालांकि इस प्रक्रिया में  कुछ साल लगेंगे.  सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाना चाहती है. सरकार एथनॉल जैसे जैव-र्इंधन का उपयोग बढ़ाने की कवायद में है.

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केजी डी-5 में  ृगैस उत्पादन दिसंबर 2019 और तेल का उत्पादन मार्च 2021 तक शुरू होने की उम्मीद

बंगाल की खाड़ी स्थित ब्लाक केजी-डीडब्लूएन-98/2 या केजी डी-5 में खोजे गये तेल कुओं से गैस उत्पादन दिसंबर 2019 और तेल का उत्पादन मार्च 2021 तक शुरू होने की उम्मीद है.  जानकारी के अनुसार ओएनजीसी यहां उत्पादन के लिए 5.07 अरब डालर का निवेश कर रही है. तेल व प्राकृतिक गैस आयोग (ओएनजीसी) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक शशि शंकर और आयल इंडिया के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक उत्पल बोरा ने अपनी-अपनी कंपनियों के अगले पांच साल में तेल व गैस उत्पादन के बारे में बताया है.  खबरों के अनुसार पेट्रोलियम कंपनियों ने कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन में हल्की वृद्धि का अनुमान जताया है.  प्राकृतिक गैस उत्पादन 24 अरब घन मीटर प्रतिदिन से बढ़कर 42 अरब घन मीटर प्रतिदिन पहुंच जाने का आकलन किया गया है.  देश में कच्चे तेल का उत्पादन 2016-17 में 3.6 करोड़ टन से घटकर 2017-18 में 3.57 करोड़ टन रहा.

ईरान पर प्रतिबंध की समय सीमा चार नवंबर के मद्देनजर अमेरिकी वार्ताकार ब्रायन हुक और अमेरिका के ऊर्जा विभाग में सहायक सचिव फ्रांसिस आर फेनन  शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे. उनकी भारतीय अधिकारियों से 2+2 वार्ता के मसौदे के अनुरूप रास्ता निकालने पर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय के अनुसार  ओपेक ने भरोसा दिया है कि भारत को तेल आपूर्ति में कमी नहीं आयेगी. ओपेक और भारत के अधिकारी तेल की कीमतों को लेकर  17 अक्तूबर को लंदन में बातचीत करेंगे.

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