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हाई कोर्ट ने पूछा-जब गाड़ियों में लाल-पीली बत्तियों पर रोक तो नेमप्लेट क्यों ?

परिवहन सचिव को किया तलब, छह हफ्ते मेंं मांगा जवाब

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि जब गाड़ियों में लाल-पीली बत्तियों पर रोक लगायी जा चुकी है, तो नेमप्लेट लगाकर घूमने का क्या मतलब है? शुक्रवार को एक पीआईएल की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने झारखंड के परिवहन सचिव को तलब किया. उन्हें निर्देश दिया कि इस मामले में छह हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करें कि किन गाड़ियों पर नेमप्लेट लगाया जा सकता है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कई लोग अपने गाड़ियों पर नेम प्लेट लगाकर घूम रहे हैं. नेता, मंत्री, विधायक और पार्षद सहित अन्य लोग नेम प्लेट लगायें, यह कहीं से उचित है क्या?

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परिवहन सचिव ने कहा कि नेम प्लेट के मामले में अभी कोई नियम नहीं है पर जल्दी ही इस मामले में नियम बना लिया जायेगा. हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि जब लाल और पीली बत्तियों को वाहनों में लगाना मना कर दिया गया तब नेम प्लेट लगाने का क्या औचित्य है?

इसके बाद सरकार की ओर से इस मामले में समय मांगा गया. हाईकोर्ट ने छह सप्ताह का समय दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई अब फरवरी में होगी.

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