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हाइकोर्ट ने सरकार से पूछा, राज्य में अब तक भूख से कितने लोगों की मौत हुई?

Ranchi : बोकारो में भूख से हुई मौत के मामले में झारखंड हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने सरकार से राज्य में भूख से हुई मौत पर रिपोर्ट तलब की है.

अदालत ने सरकार से पूछा है कि राज्य में अब तक कितने लोगों की भूख से मौत हुई है. यह भी पूछा है कि भूख से मौत न हो, इसके लिए सरकार कौन-कौन सी योजनाएं चला रही है.

सरकार की ओर से बताया गया कि किसी की भी मौत भूख से नहीं हुई है. भूखल घासी की मौत का मामला सामने आया था. इसके बाद प्रशासन की टीम उसके घर गयी थी. वहां पाया गया कि घर में पर्याप्त अनाज था. छह माह बाद भूखल की बेटी राखी की मौत के मामले में सरकार का कहना था कि राखी की तबीयत खराब थी.

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सदर अस्पताल में उसका इलाज कराया गया जहां जांच में मलेरिया और खून की कमी का पता चला. राखी अस्पताल से घर आई थी जहां उसकी मौत हुई. इससे साफ है कि उसकी मौत भूख से नहीं बल्कि खून की कमी से हुई.

परिवार के एक अन्य सदस्य की मौत भी बीमारी से हुई. इस पर कोर्ट ने कहा कि झालसा ने लोगों की भूख से मौत न हो इसके लिए तृप्ति योजना लांच की है. तो क्या झालसा ने यह योजना बिना किसी ग्राउंड रिपोर्ट के तैयार की है.

अदालत ने झालसा के सचिव को भी इस मामले में प्रतिवादी बनाया और उन्हें जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया कि किस आधार पर यह योजना तैयार की गई है.

इस मामले में अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 15 जनवरी की तिथि निर्धारित की है.

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