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बिना बजट की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को तोरपा के ग्राम प्रधानों ने बताया जुमला, देखिये वीडियो

Pravin kumar

Ranchi : मुख्यमंत्री रघुवर दास और भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 35 लाख किसानों को खेती-किसानी में सहयोग के मकसद से प्रति एकड़ पांच हजार रूपये सहयोग राशि देने की बात की गयी थी.

लेकिन तोरपा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को सरकारी योजना का लाभ सिर्फ जुमला बन कर रह गया. इलाके के कुछ किसानों के खाते में 2000 रुपये आये हैं लेकिन इनकी संख्या बहुत ही कम है.

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यह राशि केन्द्र से मिली है या राज्य की योजना से, किसानों को पता भी नही. ग्राम प्रधानों ने सिर्फ इतना कहा कि यह योजना किसानों की भावना से खिलवाड़ है.

तोरपा विधानसभा क्षेत्र के सटल गांव के ग्राम प्रधान बंधन तोपनो कहते हैं- गांव में 250 किसान परिवार रहते हैं. लेकिन मात्र 5 या 6 किसानों को ही योजना का लाभ मिला है. बंधन कहते हैं- सरकार द्वारा सिर्फ घोषणा की जाती है. किसानों को लाभ मिले या न मिले सरकार को कोई मतलब नहीं.

गरगंजी के ग्राम प्रधान सोमरा पाहन कहते हैं- गांव में 30 किसान परिवार रहते हैं लेकिन 10-15 किसानों के ही बैक खाते में पैसा आया है.

रनिया प्रखंड के गोरसोद गांव के ग्राम प्रधान पंचनांद स्वासी कहते हैं- गांव में 56 किसान परिवार रहते हैं लेकिन मात्र 40 किसानों के ही बैक खाते में दो-दो हजार आया है. यह पैसा केन्द्र से मिला है कि राज्य की योजना से, ग्रामीणों को पता नही. गांव के किसी भी किसान के खाते में 5000 की राशि नहीं आयी है.

तोरपा करंजटोली के ग्रामप्रधान कहते हैं- मेरे गांव में किसी भी परिवार को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ नहीं मिला है. सरकार सिर्फ लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है.

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क्या थी चुनावी वर्ष में भाजपा सरकार की घोषणा

वर्ष 2019-20 में कृषि विभाग का कुल बजट 3141.5 करोड़ रुपये है. मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना की घोषणा के अनुसार किसानों को प्रति एकड़ 5000 रुपये (अधिकतम पांच एकड़ तक 25000) खरीफ फसल के लिए प्रतिवर्ष देना है.

इसके लिए कृषि विभाग को अतिरिक्त करीब 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा. तब जाकर 22 लाख 76 हजार किसानों को योजना का लाभ मिल पायेगा. यह राशि चुनावी वर्ष में कृषि विभाग के कुल वार्षिक बजट (3141. 5 करोड़) के आस-पास है.

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योजना के लिए कहां से पैसा ला रही सरकार

सूत्रों के मुताबिक रघुवर सरकार की महत्वपूर्ण योजना पूरी करने के लिए अन्य विभागों के बजट में कटौती करनी होगी. यह कार्य वित्त विभाग के द्वारा किया जा रहा है. इसके लिए वित्त विभाग द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, कल्याण एवं अन्य विभागों की बजट राशि में कटौती कर कृषि विभाग को दिया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक सरकार संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पैसे की कमी होना स्वभाविक है क्योंकि पूर्व में ही बजट तैयार किया गया है. ऐसे में बजट के बाद 3000 करोड़ खर्च करना सरकार के लिए कठिन है.

डीबीटी के माध्यम से किसानों को दी जा रही राशि

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद में 3000 करोड़ की राशि वितरित करने का दावा किया गया था लेकिन तोरपा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ नही मिल सका.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 10 अगस्त को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को प्रारंभ किया था. पहले चरण में लगभग 15 लाख किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा था.

किसानों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध करायी जाने की बात कही गयी थी. कृषि विभाग को किसानों का डेटा निर्धारित सॉफ्टवेयर में हर हाल में अपलोडिंग सुनिश्चित करना था.

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