NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्‍यपाल ने कहा- झारखंड के 50 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार

राज्‍यपाल द्रौपदी मुर्मू ने किया ‘झारखंड राज्य में पोषण की स्थिति’ पर समीक्षा

258

Ranchi: झारखंड अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के लोग कुपोषण जैसी समस्याओं से ग्रसित हैं. राष्ट्रीय स्तर पर पोषण के क्षेत्र में राज्य की स्थिति अच्छी नहीं है. पांच साल से कम उम्र के लगभग 50 फीसदी बच्चे मानक वजन से कम हैं. ये बच्चे कुपोषण और खून की कमी की गंभीर समस्या से ग्रस्त है. यह बातें गुरुवार को राज्‍यपाल द्रौपदी मुर्मू ने राजभवन में ‘झारखंड राज्य में पोषण की स्थिति’ की समीक्षा बैठक के दौरान कही. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एनीमिया और ट्रैफिकिंग झारखंड के लिए अत्यंत गंभीर समस्या है. जिसका निदान सभी को सक्रियता से करना होगा.

बच्चों और महिलाओं को योजना का लाभ मिले: राज्यपाल

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले के संबंधित अधिकारी जहां भी पीवीटीजी के लोग हैं उनका सर्वेक्षण कर नियमित स्वास्थ्य जांच करें. पोषण, सखी और तेजस्विनी जैसी योजनाओं का लाभ लोगों को प्रदान किया जाये. उनके द्वारा बैठक में ‘बाल विकास परियोजना’ योजनान्तर्गत पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) इत्यादि के रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के लिए भी निदेशित किया गया. ताकि, बच्चों और महिलाओं पर और समुचित ध्यान दिया जा सके.

एससी-एसटी बच्‍चों में कुपोषण की समस्‍या सामान्‍य से अधिक: यूनिसेफ

इस अवसर पर यूनिसेफ की मधुलिका ने कहा कि कुपोषण की समस्या राज्य में सामान्य से अनुसूचित जनजाति में 15 फीसदी अधिक है और अनुसूचित जाति में 10 फीसदी अधिक है. बैठक में सचिव, समाज कल्याण विभाग अमिताभ कौशल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन-वितरण प्रणाली के तहत लाभुकों को चावल प्रदान किया जा रहा है और शहरी क्षेत्रों में चावल के साथ गेहूं भी दिया जा रहा है. उन्होंने राज्यपाल को जानकारी दी कि जन-वितरण प्रणाली के तहत दाल भी दिये जाने का प्रस्ताव है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग गेहू की भी मांग कर रहे हैं, इसे दृष्टि में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाभुक परिवारों को भी गेहूं भी दिया जायेगा. उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों द्वारा सप्ताह में 3 दिन अंडा बच्चों को देना प्रारंभ कर दिया गया है. मध्याह्न भोजन के तहत अंडा पहले से ही दिया जाता था.

madhuranjan_add

उनके द्वारा राज्यपाल को यह भी अवगत कराया गया कि पोषण मिशन के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के सेविका-सहायिका का प्रशिक्षण राज्य के 6 जिलों में आयोजित किया जा रहा है. अनुसूचित जनजाति बाहुल्य 14 जिलों में इसे शीघ्र ही प्रारम्भ किया जायेगा. राज्यपाल महोदया को यह भी जानकारी दी गई कि समेकित बाल विकास योजना में 340 पर्यवेक्षक के पद रिक्त है, इन पदों पर नियुक्ति हेतु झारखण्ड राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गई है.

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी, समाज कल्याण सचिव अमिताभ कौशल, पोषण मिशन के महानिदेशक डीके सक्सेना, एनआरएचएम के अभियान निदेशक केएन झा, दीपांकर पंडा, विशेष सचिव, निदेशक, समाज कल्याण विभाग, झारखण्ड प्रमुख, यूनिसेफ मधुलिका जोनाथन सहित कई पदाधिकारीगण उपस्थित थे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Averon

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: