न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

फर्जी कागजात बनाकर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री, चार को एसडीओ ने पकड़ा

155

Dhanbad : गुरुवार को धनबाद अनुमंडल पदाधिकारी राज माहेश्‍वरम ने धनबाद रजिस्‍ट्री ऑफिस में छापामारी की. छापामारी करते ही रजिस्‍ट्री ऑफिस के कर्मियों में हड़कम मच गया. एसडीओ ने मौके से चार लोगों को संदेह के आधार पर पकड़ा. इनके नाम बुलान, गौतम रक्षित, गुनी महतो और दीपक हैं. एसडीओ को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि रजिस्‍ट्री ऑफिस में फर्जी कागजात बनाकर बहुमूल्‍य सरकारी जमीन की रजिस्‍ट्री की जा रही है.

 मिलीभगत से बेचा जा रहा है सरकारी जमीन

एसडीओ ने बताया कि चारो संदेही से पूछताछ जारी है. हालांकि, इनके पास से कोई आपत्तिजनक कागजात नहीं मिले हैं. इन्हें चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता है. बता दें, जब एसडीएम राज महेश्वरम दल बल के साथ रजिस्ट्री ऑफिस में छापेमारी करने पहुंचे तब चार संदेही पकड़े गये थे. वहीं अन्य दलाल भागने में सफल रहे. एसडीएम महेश्वरम ने कहा कि दलालों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों के दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करके सरकारी संपत्ति बेची जा रही थी. इससे विभाग को नुकसान हो रहा था. इसकी शिकायत निबंधन पदाधिकारी संतोष कुमार ने की थी. इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी.

काफी दिनों से मिल रही थी शिकायत

पिछले 2 महीनों से लगातार दलालों की शिकायत मिल रही थी. हर काम को लेकर दलाल हावी थे. जमीन के निबंधन में भी मनचाहा रेट लोगों से वसूल रहे थे. इसकी शिकायत भी काफी दिनों से मिल रही थी. अगर दलाल फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो यह अभियान चलता रहेगा.

दावा, पकड़े गये लाइसेंसी डीड राइटर के सहायक

डीडी राइटरों का दावा है कि वर्ष 2008 में नया लाइसेंस जारी करने के लिए तत्कालीन अवर निबंधक अशोक सिन्हा ने सैकड़ों सहायक डीड रायटरों से आवेदन लिया गया था. इस पर गुरुवार को कार्रवाई नहीं की गयी है. गुरुवार को एसडीएम धनबाद ने जिन चार लोगों को पकड़ा है, सभी लाइसेंसी डीड रायटरों के सहायक के रूप मे काम करते हैं. सभी ने लाइसेंस के लिए आवेदन भी दिए हुए हैं. लाइसेंस के लिए वर्ष 2008 में जिन लोगों ने आवेदन दिया है, उन्हें जल्द लाइसेंस देने की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है.

इसे भी पढ़ेंःबोकारो डीसी के पीए मुकेश कुमार को एसीबी ने 70,000 रुपए घूस लेते पकड़ा

इसे भी पढ़ेंःडेंजर जोन में झारखंड के चार जिले- भूकंप का खतरा, वैज्ञानिक शोध में खुलासा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: