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पुलिस की गोली का शिकार हुए विवेक की अंत्येष्टि, फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई की कोशिश करेगी सरकार

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Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते शुक्रवार और शनिवार की दरम्यान रात को पुलिस के एक सिपाही की चलायी गोली से मारे गये एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के अधिकारी का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. ‘एप्पल’ कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी रहे विवेक तिवारी (38) को शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात करीब डेढ़ बजे गश्त कर रहे कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गयी थी. उनके शव का राजधानी स्थित बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया. मौके पर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक और क्षेत्रीय भाजपा विधायक आशुतोष टंडन भी मौजूद थे.
पाठक ने कहा कि वारदात दुर्भाग्यपूर्ण है और संकट की इस घड़ी में सरकार तिवारी के परिजन के साथ खड़ी है. सरकार परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए हत्यारोपी पुलिसकर्मियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की कोशिश करेगी. साथ ही गृह विभाग के प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक से कहा जाएगा कि बड़े शहरों में संवेदनशील पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाए.
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि कीमती जान के नुकसान की कोई माफी नहीं हो सकती. वह तिवारी की दो छोटी बच्चियों, उनकी पत्नी तथा परिवार के सदस्यों को लेकर बेहद गमज़दा हैं. इस घटना को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों का यह आपराधिक बर्ताव अक्षम्य है. हम ऐसे वर्दीधारियों को सजा देने के लिए संकल्पबद्ध हैं, जिन्होंने हमें शर्मसार किया है.
मालूम हो कि राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात कथित तौर पर वाहन नहीं रोकने पर एक सिपाही ने एप्पल कंपनी के अधिकारी विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. गोली मारने के आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी और उसके साथ संदीप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों को बर्खास्त भी कर दिया गया है.
वारदात में मारे गए तिवारी की पत्नी कल्पना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. साथ ही पुलिस विभाग में नौकरी देने और परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एक करोड़ रुपए मुआवजे की भी मांग की है. मुख्यमंत्री योगी ने इस घटना पर कहा कि प्रथम दृष्ट्या दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. आवश्यकता पड़ेगी तो मामले की सीबीआई जांच करायी जाएगी.

 

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