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टाना भगत के जीवन स्तर का आकलन करेगी सरकार, फूलो झानो आशीर्वाद योजना से आये बदलाव की भी होगी समीक्षा

Ranchi : राज्य सरकार टाना भगतों के जीवन स्तर, उनके जीने की कला और उनके सामने व्याप्त चुनौतियों का आकलन करेगी. इसके लिये विशेष तौर पर शोध किया जायेगा. डॉ रामदयाल जनजातीय कल्याण शोध संस्थान (टीआरआई), रांची ने इसके लिये पहल की है. टीआरआई ने अपने 2022 के ही कैलेंडर कार्यक्रम में इस विषय पर रिसर्च वर्क कराये जाने का फैसला लिया है.

इस रिसर्च के जरिये टाना भगत समाज के लाइफस्टाइल को जानने के साथ- साथ उनके जीवन पर आर्थिक संकट के चलते पड़ रहे असर को परखा जायेगा. इसके अलावा टीआरआई ने राज्य सरकार द्वारा शुरू करायी गयी फूलो झानो आशीर्वाद योजना से गांव समाज में आये बदलावों को भी करीब से देखने की मंशा बनायी है.
फूलो झानो आशीर्वाद योजना, हेमंत सरकार, दारू हड़िया बेचती महिलाओं को रोजगार, लोहरदगा और गुमला,
हेमंत सरकार द्वारा शुरू की गयी इस स्कीम के जरिये राज्यभर में दारू हड़िया बेचती महिलाओं को रोजगार के दूसरे माध्यमों से जोड़कर नयी पहचान बनाने में एसएसचजी के माध्यम से मदद की जा रही है.

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खास है टाना भगत समाज

Sanjeevani
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राज्य में राजधानी रांची सहित लोहरदगा और गुमला जैसे जिलों में टाना भगत समाज की बड़ी संख्या दिखती है. माना जाता है कि राज्य में करीब 3,481 टाना भगत परिवार हैं. इनकी आबादी करीब 22 हजार (21,783) है.

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गांधीवाद में अगाध विश्वास

टाना भगत समुदाय मूलतः उरांव जनजाति में से ही एक माना जाता है. ये समुदाय गांधीवाद में अगाध विश्वास रखता है. उनके लिए ‘सादा जीवन उच्च विचार’ एक ध्येय वाक्य है. ये लोग तिरंगे की पूजा करते हैं. ये लोग एसी-फ्रिज आदि आधुनिक सुख-सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं करते. इसकी बजाय प्रॉपर खुले घर में रहते हैं. अपने बीच ही हरी सब्जियां उगाते हैं. वे अपनी प्रार्थनाओं में गांधी को भी याद करते हैं और तिरंगे की पूजा करते हैं जो समाज में सौहार्द का सन्देश देता है.

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आत्मसम्मान का वाहक फूलो झानो योजना

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन इस प्रयास में हैं कि राज्य में दारू हड़िया बेचनेवाली महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन यापन का अवसर मिले. इसके लिये उनकी मंशा को देखते ग्रामीण विकास विभाग ने सखी मंडलों के जरिये वीरांगना फूलो झानो के नाम पर फूलो झानो आशीर्वाद योजना शुरू की है.

सीएम के मुताबिक इस स्कीम का सार्थक परिणाम सामने आने लगा है. गरीबी और मजबूरी में हड़िया शराब निर्माण और बिक्री के कार्य से जुड़ी महिलाओं ने योजना का लाभ लिया और अपने आत्मविश्वास के बदौलत बदलाव की कहानी गढ़ने लगी हैं. समाज निर्माण में जितना जरूरी पुरुष की भागीदारी है उतनी ही महिलाओं की भी है. सरकार की कोशिश रही है कि महिलाओं का सशक्तिकरण कैसे किया जाए. इसके लिए फूलो झानो अभियान का शुभारंभ किया गया. इन्हें ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराया ताकि उन्हें सम्मानजनक आजीविका का साधन मिल सके. इस दिशा में सरकार गंभीर है.

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14 फरवरी तक करें आवेदन

टीआरआई ने दोनों विषयों पर शोध के लिये यूनिवर्सिटी, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के अलावा शोध कार्य में दिलचस्पी रखने वाली एजेंसियों, संगठनों और अन्य से टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की है. इसके लिये 14 फरवरी, 2022 तक की तारीख तय की गयी है. विस्तृत जानकारी के लिये वेबसाइट www.prdjharkhand.in को देखा जा सकता है.

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