न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सरकार ने सदन को सदन कहां रहने दिया, बाजार बना दिया है, जागीर समझ रखा है : हेमंत सोरेन

835

Ranchi: विधानसभा के हंगामेदार सत्र के बाद पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने सदन को सदन रहने कहां दिया है, बाजार बना दिया है. सदन को अपनी जागीर समझ रखा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पंचायत को सरकार ने मंच बना रखा है. पंचायत के माध्यम से पॉकेट की व्यवस्था कर रही है सरकार. हेमंत ने कहा कि समय आने दीजिए ये बहुत बड़े घोटाले के रूप में सामने आएगा. सरकार अपने राजनीतिक लाभ के लिए सभी चीजों की धज्जियां उड़ा रही है. सदन, संवैधानिक संस्थाएं सभी हाशिये पर हैं. सभी अपने हक से वंचित हैं.

कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के पुरुष स्टाफ की सेवा होगी समाप्त

हेमंत सोरेन ने कहा कि इस सरकार से कोई संतुष्ट नहीं है. ऐसे भी कई लोग धरना और आंदोलन पर हैं. पारा शिक्षक, राजस्वकर्मी, मनरेगाकर्मी के बाद अब कस्तूरबा गांधी के पुरुषकर्मी भी आनेवाले दिनों में हड़ताल पर जा सकते हैं और आंदोलन कर सकते हैं. सरकार ने फरवरी तक कस्तूरबा गांधी स्कूल के पुरुष स्टाफ की सेवा समाप्त कर देने की बात कही है. सेवा समाप्त होने के बाद वे कहां जाएंगे, सभी कस्तूरबा स्कूल में सिक्योरिटी स्टाफ, रसोइया, अकाउंटेंट पुरुष ही हैं.

निर्णय सरकार को करना है

पारा शिक्षकों के मामले को लेकर हेमंत सोरेन ने कहा कि पारा शिक्षकों के स्थायीकरण पर अंतिम निर्णय सरकार को ही लेना है. जबतक आप मरेंगे नहीं, आपके बच्चे मरेंगे नहीं, आप आत्महत्या नहीं करेंगे सरकार विचार ही नहीं करेगी. सदन आज भी पारा शिक्षकों के मुद्दे पर नहीं चल पाया. हंगामे के बीच में ही आज तीन विधेयक को पारित किया गया. वहीं झारखंड कारखाना संसोधन विधेयक 2017 को वापस लिया गया.

इसे भी पढ़ें – पारा शिक्षक संघ ने कहा- वार्ता के लिए लिखित रूप से सरकार करे पहल, तभी होगी वार्ता

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: