न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अपनी बनायी नियमावली ही नहीं मानती सरकार और नौकरी नहीं मिलती बेरोजगारों को

अधिकतर नियुक्तियों में नियमावली ही बनी बाधा

997

Kumar Gaurav

Ranchi: राज्य सरकार बेरोजगारों को नौकरी देने के लिए विभिन्न प्रकार की नियुक्तियां निकालती है. सभी नियुक्तियों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है. विज्ञापन के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया में अपनाये जाने वाले सभी नियमों का जिक्र होता है. जिसे आसान भाषा में नियमावली कहा जाता है. ये नियमावली सरकार ही तय करती है. युवाओं को नौकरी मिल पाने में सरकार के द्वारा ही बनायी गयी नियमावली रोड़ा बन जाती है. सरकार के विभाग के अधिकारी ही नियमावली को मानने से इंकार कर देते हैं. सरकार अपनी नियमावली को ही नहीं मानती, जिसके कारण छठी जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा चार सालों के बाद भी पूरी नहीं हुई. स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की कई सीटें इसी कारण खाली रह गयी हैं. नियमावली के पेंच के कारण ही पंचायत सचिवालय की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी है.

इसे भी पढ़ें – बीजेपी के विधायक आकाश विजवर्गीय की दादागिरी, सरेआम निगम अधिकारी को बैट से पीटा

हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति में कई सीटें रह गयीं खाली

हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति 2016 की सीटें दो तरह से भरी जानी थीं. कुल सीटों की 75 प्रतिशत सीटें सीधी नियुक्ति से भरी जानी थीं. 25 प्रतिशत सीटें प्राइमरी शिक्षकों के लिए रिजर्व रखी गयी थी. प्राइमरी शिक्षकों से भरी जानेवाली सीटों का लगभग 85 प्रतिशत सीटें खाली रह गयी हैं. नियमावली के मुताबिक इन सीटों के खाली रह जाने की स्थिति में सीटों को सीधी नियुक्ति के जरिये भरा जाना था. वैसे अभ्यर्थी जो क्वालिफाइड थे पर चयन नहीं हो सका था, वैसे छात्रों को नियुक्त किया जाना था. पर अब शिक्षा सचिव ये कह रहे हैं कि अगली बहाली में खाली सीटों को जोड़ कर निकाला जायेगा. इसको लेकर अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, विधानसभा ध्यानाकर्षण समिति सहित मुख्यमंत्री तक से नियमावली की दुहाई दे चुके हैं पर कोई फायदा नहीं हो रहा. सीएम बार-बार छात्रों को आश्वासन ही दे रहे कि नियमावली देखते हैं पर शिक्षा सचिव एपी सिंह के अनुसार अगली बहाली में सीधी नियुक्ति से बहाली की जायेगा.

इसे भी पढ़ें – विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी

जेपीएससी छठी सिविल सेवा परीक्षा अब तक नहीं हो पायी पूरी

जेपीएससी छठी सिविल सेवा चार सालों में पूरा नहीं हो पायी. इसकी प्रमुख वजह विभाग द्वारा नियमावली को नहीं माना जाना है. अगर पीटी परीक्षा का परिणाम नियमावली के अनुसार ही निकाला गया होता तो दूसरी, तीसरी बार रिजल्ट जारी करने की नौबत ही नहीं आती. परीक्षा की नियमावली के खिलाफ जाकर कैबिनेट स्केलिंग के जरिये तीसरी बार रिजल्ट प्रकाशित करता है. 34 हजार छात्र मुख्य परीक्षा के लिए पास हो गये. अभी तक कॉपियों की जांच नहीं हो पायी है. नियमावली के अनुसार 15 प्रतिशत रिजल्ट ही मुख्य परीक्षा के लिए जारी करना था. सरकार ने रिजल्ट 106 प्रतिशत जारी कर दिया था.

इसे भी पढ़ें – CBSE पढ़ायेगा बच्चों को साइबर क्राइम, पैरेंट्स की भी होगी ट्रेनिंग

दूसरे राज्यों के युवाओं को मिल गयी नौकरी

स्नात्कोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक बहाली में नियमों के अनुसार जिलावार नियुक्ति की जानी थी. वैसे अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते थे जो संबंधित जिलों के हो. वहीं जन्म लिये हों. यहां भी सरकार द्वारा बनायी गयी नियमावली को दरकिनार कर दिया गया. जिससे यूपी और बंगाल से आये युवाओं को बहाल कर दिया गया. जिसके बाद काफी बवाल भी हुआ था.

इसे भी पढ़ें – बंगाल में सड़कों पर नमाज का विरोध, BJYM कार्यकर्ताओं ने रोड पर पढ़ी हनुमान चालीसा

होनी थी परीक्षा ऑनलाइन, परीक्षार्थियों की ऑफलाइन परीक्षा ली गयी

कर्मचारी चयन आयोग की ओर से साल 2017 में निकाली गयी पंचायत सचिवालय की नियुक्तियां अब तक पूरी नहीं हो पायी हैं. जिसके लिए आवेदन साल 2017 में भराये गये. इसकी परीक्षा साल 2018 में जनवरी में ली गयी. परीक्षा का रिजल्ट फरवरी 2019 में जारी किया गया. छह जून को आयोजित स्किल जांच परीक्षा का कार्य भार आयोग की ओर से चेन्नई की किसी कंपनी को दी गयी थी. परीक्षार्थी जब परीक्षा देने पहुंचे तो बहुत से केंद्रों में कंप्यूटर में परीक्षा देने के लिए ऑनलाइन सेटिंग नहीं थी. जबकि परीक्षा ऑनलाइन होनी थी. ऐसे में इन परीक्षार्थियों की ऑफलाइन परीक्षा ली गयी. इस परीक्षा में कंप्यूटर से मेल करना भी परीक्षा का ही एक भाग था. जिसके लिए 25 अंक थे. लेकिन जिस कंपनी ने परीक्षा आयोजित की उन्हें ये मालूम ही नहीं था कि परीक्षा का मुख्य हिस्सा मेल सेंड करना है. परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा में बहुत सी त्रुटियां थीं, जिसके कारण परीक्षा स्थगित की गयी. जिसकी अब तक तिथि नहीं निकली.

इसे भी पढे़ें- सरयू राय ने बार काउंसिल के सदस्यों को पत्र लिखा, कहा – मेरे खिलाफ की गयी टिप्पणियों को रद्द करते हुए मुझे अपना पक्ष रखने दिया जाये

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: