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झारखंड में बगैर भूमि अधिग्रहण के पुल बनाने का खेल,पानी में गये 25 करोड़

Ranchi: झारखंड में पुल निर्माण के नाम पर अजब-गजब के खेल हुए हैं. हद तो तब हो गयी जब बगैर भूमि अधिग्रहण के ही पुल बनाने का काम शुरू कर दिया गया. नतीजा यह हुआ कि पुल निर्माण का कार्य आज तक फंसा हुआ है. झारखंड में 9 पुल ऐसे हैं जहां पहुंच पथ तक नहीं है. पुल का निर्माण कार्य पिछले 6 वर्षों से लटका हुआ है. इन योजनाओं के लिये कुल 44.91 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इनमें से 25.27 करोड़ रुपये खर्च भी हो गये लेकिन, योजना का काम आगे नहीं बढ़ा.

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एजी ने 14 पुलों का किया था स्थलीय जांच

यह मामला एजी की रिपोर्ट के माध्यम से उजागर हुआ है. एजी ने झारखंड में 14 पुलों का स्थलीय जांच किया था. जांच में पाया गया कि 14 में से 9 पुल ऐसे हैं जो भूमि अधिग्रहण की वजह से रूका हुआ है.

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आंकड़ा इस प्रकार है

  • धनबाद जिला में चंदनक्यारी सुइयाडीह सड़क के बीच दामोदर नदी पर उच्च स्तरीय आरसीसी गिर्डर पुल बनना था जो पिछले 2018 से अधूरा पड़ा है.यह पुल 7.44 करोड़ की लागत से बनना था, इसके निर्माण में 3.82 करोड़ खर्च भी हो गये. आज तक अधूरा पड़ा है.

 

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  • धनबाद के कर्मपूंद गांव में बरडूबी से लखरखवारी पर उच्च स्तरीय आरसीसी पुल का निर्माण किया जाना था जो पिछले 2018 से अधुरा पड़ा है. इसकी लागत 2.04 करोड़ थी. 1.64 करोड़ रु खर्च भी हो गये पर पुल आज तक नहीं बना. यहां भी पहुंच पथ नहीं था.

 

  • मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत सरायकेला-खरसावां जिला में खरकई नदी पर असंगी से इटागढ़ के बीच पुल का निर्माण किया जाना था जो आज तक नहीं बना. यह योजना पिछले 2015 से लंबित है. उस पुल की लागत 6.2 करोड़ था और निर्माणकार्य में 5.91 करोड़ खर्च भी हो गये. यहां भी पहुंच पथ का मामला था.

 

  • सरायकेला-खरसांवा जिला में सरायकेला प्रखंड के तहत खरकई नदी पर हुरंगदा और धरमडीहा के बीच पुल का निर्माण किया जाना था, जो अबतक नहीं बना पाया है. इस पुल की लागत 4.36 करोड़ थी, पुल निर्माणकार्य में अबतक 2.49 करोड़ रु खर्च भी हो गये. पुल नहीं बना. पहुंच पथ की वजह से पुल नहीं बन पाया.

 

  • पांकुड़ में काना नदी पर रामचंद्रपुर और तारानगर के बीच उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जाना था, जो पिछले 2019 से लंबित है. 4.59 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल पहुंच पथ के कारण फंस गया. इस योजना में 1.50 करोड़ रु खर्च हो गये.

 

  • डोमचांच प्रखण्ड के अंतर्गत केशो नदी पर कुंडीधनवार और नवलसाही भाया बछेडीह के समीप पुल का निर्माण कार्य पहुंच पथ नहीं होने की वजह से फंस गया. यह योजना पिछले 2019 से लंबित है. यह योजना 3.97 करोड़ की लागत से बनना था. इस योजना में 2.96 करोड़ रु खर्च भी हो गये लेकिन नहीं बन पाया.

 

  • चैनपुर प्रखण्ड में केचकी अवसाने सड़क के बीच कोयल नदी पर उच्च स्तरीय आरसीसी पुल का निर्माणकार्य पहुंच पथ के नहीं होने की वजह से लंबित है. इस योजना में 8.85 करोड़ रु में से 2.32 करोड़ रु खर्च हो गये. पर पुल नहीं बना.

 

  • पांकी प्रखण्ड के अंतर्गत दान्दर-कला(कॉलेज के पीछे) और यादव टोला के बीच सोनेरे नदी पर पुल का निर्माण किया जाना था जो नहीं हो पाया. यहां भी पहुंच पथ को लेकर मामला फंस गया है. इस योजना की लागत 3.74 करोड़ रु था और 1.42 करोड़ रु खर्च भी हो गये पर मामला जस की तस है.

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