Bihar

बिहार में हर साल भयावह होती जा रही बाढ़ की स्थिति, आखिर क्यों?

Patna: बिहार एक ऐसा राज्य बन गया जहां हर साल कई लोगों एक ही वजह से बेघर हो जाते हैं. वो वजह है बाढ़. दरअसल सूबे में हर साल एक बड़ी आबादी को अपने घर से पलायन करना पड़ता है क्योंकि नेपाल में जब भी भारी बारिश होती है तो वे नदियों का बहाव बिहार की ओर छोड़ देते हैं.

आंकड़ों से जानिए बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति

आपको बता दें कि हर साल आने वाली बाढ़ से उत्तर बिहार की लगभग 76 प्रतिशत आबादी प्रभावित होती है. बात अगर देश की करें तो देश के कुल 16.5 प्रतिशत इलाके बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में आता है. ऐसे में ये एक अहम समस्या है जिसको लेकर हर साल सरकार सिर्फ योजनाओं का ऐलान करती है लेकिन कोई पूर्ण समाधान नहीं निकाला जाता हैं.

ram janam hospital
Catalyst IAS

इसे भी पढ़ें– बिहार में अब सात बजे तक खुलेंगी दुकानें, 10 जिलों में 10 से कम सक्रिय मरीज

The Royal’s
Pitambara
Sanjeevani
Pushpanjali

यहां जानिए बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ के पीछे की असली वजह

दरअसल बिहार में बाढ़ की तबाही मुख्य तौर से नेपाल से आने वाली नदियों के कारण ही आती है. नेपाल से आने वाली नदियों के कारण ही राज्य के लोगों को पलायन करना पड़ता है. कोसी, नारायणी, कर्णाली, राप्ती, महाकाली जैसी नदियां नेपाल के बाद भारत में बहती हैं. ऐसे में नेपाल में जब भी भारी बारिश होती है तो वे इन नदियों के बहाव को बिहार की तरफ छोड़ देते हैं, जिससे लाखों की संख्या में मकान तबाह हो जाते हैं.

क्या है इसका उपाय

राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक नेपाल में कोसी नदी पर प्रस्तावित उच्च बांध नहीं बन जाता, बिहार को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिलेगी. इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण की योजना बनाते समय यह ध्यान रखना होगा वरना ये समस्या चलते ही रहेगी.

इसे भी पढ़ें– पिस्का मोड़ से बिजुपाड़ा सेक्शन फोरलेन सड़क के छूटे काम के लिए होगा जमीन अधिग्रहण

सरकार लगातार कर रही प्रयास

सरकार हर साल ड्रोन कैमरों से तटबंधों की निगरानी करती है. सरकार ने तटबंधों में कटाव, रिसाव आदि की सूचना के लिए हेल्पलाइन नं. 1800 3456 145 जारी किये हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचेन की व्यवस्था की गयी है. स्वास्थ्य सुविधा को बरकरार रखने के लिए नाव के द्वारा डॉक्टर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंच रहे हैं. राहत सामग्री के साथ-साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है.

लेकिन ये सभी आंशिक समाधान है, ये कोई पूर्ण समाधान नहीं हैं. बिहार को अगर बाढ़ मुक्त राज्य बनाना है तो नीतीश सरकार को नेपाल के प्रधानमंत्री से ये आग्रह करना होगा कि वे कोसी नदी पर प्रस्तावित उच्च बांध बनाएं. तभी यहां के लोगों के समस्या का पूर्ण समाधान होगा.

इसे भी पढ़ें– महिला ने ग्रामीण एसपी से लगायी न्याय की गुहार, एसपी ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दिया आश्वासन

Related Articles

Back to top button