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मुख्यमंत्री ने दस दिनों में मुआवजा देने की घोषणा की थी, अब तक नहीं मिली मृत पारा शिक्षकों के परिजनों को राशि, धरना पर बैठे पारा शिक्षक

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  • 24 पारा शिक्षकों के परिजनों को मिलनी है मुआवजा राशि
  • राज्य शिक्षा परियोजना के अधिकारियों ने कहा- काम तेजी से चल रहा, जल्द मिलेगी राशि

Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दो जुलाई को आंदोलन के दौरान मृत पारा शिक्षकों के परिजनों को मुआवजा राशि देने की बात कही थी. साथ ही आंदोलन के दौरान पारा शिक्षकों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की बात भी कही थी. लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी मृत पारा शिक्षकों के परिजनों को मुआवजा राशि नहीं दी गयी. 24 मृत पारा शिक्षकों के परिजनों को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार मुआवजा दिया जाना है. जिसे राज्य शिक्षा परियोजना के आदेश पर सभी जिलों के डीसी की ओर से सत्यापित कराया गया. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से 26 मृत पारा शिक्षकों की सूची परियोजना को दी गयी थी, लेकिन दो पारा शिक्षकों के नामों का सत्यापन नहीं होने के कारण परियोजना की ओर से जारी सूची में इन शिक्षकों के नाम नहीं हैं. शिक्षकों के नामों के सत्यापित होते ही सूची में नाम शामिल किया जायेगा.

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एक-एक लाख मुआवजा देने की घोषणा

साल 2018 में पारा शिक्षकों ने राज्य में आंदोलन किया था. जो नवंबर माह से शुरू हुआ और जनवरी तक चला. इसी कम्र में पारा शिक्षकों की मौत हुई. सबसे अधिक गुमला से चार पारा शिक्षकों की मौत हुई. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक- एक लाख रुपये पीड़ित परिजनों को देने की घोषणा की थी. इसके साथ ही आंदोलन के क्रम में 286 पारा शिक्षकों पर सरकारी काम में दखल देने के आरोप में मुकदमा दायर किया है. जिसे वापस लेने की बात भी मुख्यमंत्री ने पारा शिक्षकों से की थी. लेकिन इस क्रम में भी कोई पहल अब तक नहीं की गयी है.

इन पारा शिक्षकों के परिजनों को मिलना है मुआवजा

हजारीबाग से बहादुर ठाकुर, रामगढ़ से जिन्नत खातून, चतरा से राजकुमार सिंह और जगदेव यादव, बोकारो से रघुनाथ हेंब्रम, गिरीडीह से इजाजुल हक और दिनेश सिंह, गुमला से लालमैन गोप, लच्छू उरांव, रेमिश तिर्की और ग्लोरिया केरकेट्टा, देवघर से उज्ज्वल कुमार और राजेंद्र प्रसाद, दुमका से कंचन कुमार दास और साधन कुमार गोसाई, गोड्डा से वासुदेव यादव और दिनेश प्रसाद यादव, पाकुड़ के अखिलेश सिंह, साहेबगंज के सुभाष चंद्रा मंडल, लातेहार से महेंद्र सिंह, गढ़वा से उदय शंकर पांडेय, जगनारायण राम और दिनेश कच्छप.

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फिर धरना पर बैठे पारा शिक्षक

इधर, एकीकृत पारा शिक्षक संघ के बैनर तले पारा शिक्षकों ने फिर से आंदोलन शुरू कर दिया. मंगलवार से पारा शिक्षकों ने आंदोलन शुरू किया, जो 26 जुलाई तक विधानसभा के समक्ष जारी रहेगा. इसकी जानकारी देते हुए अध्यक्ष सजंय दुबे ने कहा कि अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा करने के लिए 31 मार्च 2020 तक का समय देने और रोके हुए मानदेय का भुगतान, आंदोलन के क्रम में मृत पारा शिक्षकों के परिजनों को घोषित मुआवजा राशि का भुगतान करने, आंदोलन के क्रम में दर्ज हुए मुकदमे को वापस लेने समेत अन्य मांगें हैं.

काम तेजी से चल रहा है, जल्द ही मुआवजा राशि दी जायेगी

इस संबध में राज्य शिक्षा परियोजना के सूत्रों से जानकारी मिली की परियोजना की ओर से जिलावार सूची संबंधित पदाधिकारियों को दे दी गयी है. कार्य तेजी से चल रहा है. मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में कार्य किये जा रहे हैं. ऐसे में कहा जा सकता है कि जल्द से जल्द राशि निर्गत कर दी जायेगी. साथ ही जानकारी दी गयी कि राशि आवंटन अब तक नहीं की गयी है.

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