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धनबाद नगर निगम का कारनामा: पहले खरीदे 10 लाख के पौधे, फिर झाड़ बता गड्ढे में फेंके

शहरी में हरियाली लाने के नाम पर हुए लाखों के वारे-न्यारे

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Dhanbad: धनबाद नगर निगम बोले तो घोटाला, अनियमितता और कमीशनखोरी का शानदार इंतजाम. पहले तो करोड़ों खर्च कर सफाई के नाम पर बड़े-बड़े वादों का ही खेल था. अब शहर को हरा भरा और सुंदर बनाने के नाम पर लाखों का वारा..न्यारा हो रहा है. दरअसल, शहर को हरा-भरा बनाने के अभियान के अंतर्गत नगर निगम ने दस लाख रुपये की लागत से वन विभाग से पौधे खरीदे थे और पौधरोपण अभियान चलाया.

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लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि यह अभियान कमीशन के धंधे के तहत महज रस्म अदायगी थी. इसका उद्देश्य पार्षद और सामाजिक संस्थाओं के लोगों का सिर्फ शहर में पौधरोपण करते सेल्फी लेना था. कम-से-कम पौधों को एक गड्ढे में फेंक देने की, इस तस्वीर से तो यही लगता है कि पौधरोपण अभियान सोशल मीडिया, अखबार और न्यूज़ चैनलों में सुर्खियां बटोरने के लिये ही था.

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पौधारोपण के नाम पर लाखों का चूना

इस अभियान का ढिंढोरा काफी जोर-शोर से पीटा गया. बाद में पौधों को निगम के ट्रैक्टर से गड्ढे में यह कहकर फेंक दिया गया है कि यह तो झाड़-जंगल के पौधे हैं. जबकि बात फलदार वृक्ष के पौधे देने की थी. निगम के अधिकारी भी पौधों को इस तरह फेंक देने पर कुछ नहीं बोल रहे. अब धनबाद शहर के लुबी सर्कुलर रोड पर बाग सजाने के नाम पर करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे का खेल चल रहा है. निगम ऐसे ही जनता के टैक्स के पैसे लुटाता रहा है.

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