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नक्सलियों पर लगाम लगाने की कवायद, पलामू रेंज में एक साल में बने 11 पिकेट और 22 अस्थायी ओपी

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Palamu : इसमें कोई दो राय नहीं पुलिस की कोशिशों से पलामू, गढ़वा और लातेहार में नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आयी है. पहले पलामू रेंज के ये तीनों जिलों को नक्सली सेफ जोन की तरह इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब हालात काफी बदले हैं और यह क्षेत्र उग्रवाद मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

नक्सलियों को रोकने के लिए पिकेटों की स्थापना 

नक्सलियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई मोर्चे पर लड़ाई लड़ी. इस दिशा में पिकेट की स्थापना काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ है. पलामू प्रक्षेत्र के डीआइजी विपुल शुक्ला ने बताया कि पिछले वर्ष पलामू, गढ़वा और लातेहार में 11 पिकेट की स्थापना की गयी. पलामू जिले में मीटार, चेतमा और मसुरिया में पिकेट की स्थापना की गयी, जबकि गढ़वा में हेसातू, बिजका, पेरौ और रूद में पिकेट बनाये गये. लातेहार के करमडीह, टोंगारी, डोमाखांड़ और सीमाखाड़ में भी पिछले वर्ष पिकेट का निर्माण कराया गया.

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13 पिकेट को मिला अस्थायी ओपी का दर्जा 

डीआइजी शुक्ला ने यह भी बताया कि पलामू जिले में 13 पिकेट को पिछले वर्ष अस्थायी ओपी का दर्जा दिया गया. उन्होंने बताया कि चैनपुर का चांदो, पाटन का किशुनपुर, तरहसी का कसमार, मनातू का पदमा और चक, पांकी का ताल, लेस्लीगंज का डबरा, छतरपुर का लठैया, नावाडीह बाजार का सरइडीह, नौडीहाबाजार का कुहकुहकला, हुसैनाबाद का महुदंड, हरिहरगंज का पथरा और नौडीहाबाजार का डगरा पुलिस पिकेट अब ओपी के रूप में काम कर रहा है. इसी प्रकार गढ़वा जिले के पांच-कुल्ही, मदगड़़ी, बड़गड़, बरवाडीह और उदयपुर में अस्थायी ओपी की स्थापना की गयी. लातेहार जिले में सरयू, बासकरचा, मटलौंग और कमरडीह में अस्थायी ओपी स्थापित किये गये हैं.

6614 कांड हुए प्रतिवेदित

डीआइजी ने वर्ष 2018 का ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि एक वर्ष में पूरे पलामू प्रक्षेत्र में कुल 6614 कांड प्रतिवेदित किये गये हैं, जबकि 5408 कांडों का निष्पादन किया गया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में प्रतिवेदित महत्वपूर्ण कांडों की संख्या 498 है, जबकि 260 महत्वपूर्ण कांडों का निष्पादन किया गया. इस अवधि में सीसीए के तहत 13 कार्रवाईयां की गयीं, जबकि भादवि की धारा 174 ए से संबंधित कांडों की संख्या 37 है. पिछले वर्ष पुलिस ने 547 कांडों में सफलता मिली, जबकि 74 कांडों में पुलिस के हाथ खाली रहे.

327 को मिली प्रोन्नति

डीआइजी ने बताया कि वर्ष 2018 में पुलिस का प्रदर्शन न केवल नक्सलियों और अपराधियों के खिलाफ बेहतर रहा बल्कि, प्रोन्नति, एसीपी और एमएसीपी का लाभ प्राप्त करने में भी पलामू पुलिस का प्रदर्शन अच्छा रहा है. पिछले वर्ष पुलिस निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक की कोटि में पलामू प्रक्षेत्र के छह पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी गयी. इसकी प्रकार परिचारी से प्रवर परिचारी की कांटि में चार, पुलिस अवर निरीक्षक से पुलिस निरीक्षक में 33 पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी गयी. 221 आरक्षियों को सहायक अवर निरीक्षक और 62 सहायक अवर निरीक्षकों को पुलिस अवर निरीक्षक की कोटि में प्रमोशन दिया गया. एक को आयुद्दिक सुबेदार में भी प्रोन्नति दी गयी है. पलामू प्रक्षेत्र में कुल 190 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ भी प्रदान किया गया.

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