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#The_Economist’s_Intolerant_India : PM Modi दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को उग्र हिंदुत्व राज्य की तरफ ले जा रहे हैं

मैगजीन ने अपने लेख में मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए निशाना साधा है. लेख में कहा गया है कि ऐसा लग रहा है कि पीएम मोदी भारत को एक सहिष्णु और बहु धार्मिक देश की जगह उग्र हिंदुत्व राज्य की तरफ ले जा रहे हैं.

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NewDelhi : दुनिया की मशहूर मैगजीन द इकनॉमिस्ट ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू किये जाने को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. मैगजीन ने इसे NDA सरकार का अति महत्वाकांक्षी कदम करार देते हुए अपने ताजा अंक में असहिष्णु भारत (इन्टॉलरेंट इंडिया) नाम से फ्रंट कवर छापा है.

जान लें कि मैगजीन ने अपने लेख में मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए निशाना साधा है. लेख में कहा गया है कि ऐसा लग रहा है कि पीएम मोदी भारत को एक सहिष्णु और बहु धार्मिक देश की जगह उग्र हिंदुत्व राज्य की तरफ ले जा रहे हैं.

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सरकार की नीतियों से भले ही नरेंद्र मोदी चुनाव जीत जायें, लेकिन…

द इकनॉमिस्ट ने CAA के बाद लिखे अपने रिव्यू में कहा है कि सरकार की नीतियों से भले ही नरेंद्र मोदी चुनाव जीत जायें, लेकिन यह देश के लिए राजनीतिक जहर साबित होंगी. मैगजीन ने चेतावनी दी है कि CAA लागू होने से देश में खूनी संघर्ष हो सकता है.

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पीएम मोदी का ताजा कदम भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है

लेख के अनुसार संविधान के पंथनिरपेक्ष मूल्यों को कमजोर करने वाला पीएम मोदी का ताजा कदम भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है. इसका असर दशकों तक रह सकता है. लेख में आगे लिखा गया है कि धर्म और राष्ट्रीय पहचान पर विभेद कर भाजपा को अपना समर्थन बढ़ाने में सफलता मिली है और वह कमजोर अर्थव्यवस्था से ध्यान भटकाने में भी सफल रही है.

भाजपा नेताओं ने ट्वीट कर मैगजीन के कवर पेज की निंदा की 

लेख में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पर भी सवाल खड़े किये गये हैं. मैगजीन लिखता है कि NPR से भगवा दल को अपने बांटने वाले एजेंडे में मदद मिलेगी. लेख में लिखा गया है कि भारत के 20 करोड़ मुसलमान डरे हुए हैं क्योंकि प्रधानमंत्री हिंदू राष्ट्र के निर्माण में जुटे हैं.

80 के दशक में राम मंदिर के लिए आंदोलन के साथ भाजपा की शुरुआत पर चर्चा करते हुए लेख में तर्क दिया गया है कि संभावित तौर पर नरेंद्र मोदी और भाजपा को धर्म और राष्ट्रीय पहचान के आधार पर कथित विभाजन से फायदा पहुंचा है. दूसरी ओर कई भाजपा नेताओं ने ट्वीट कर मैगजीन के कवर पेज की निंदा की है.

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