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SC से चुनाव आयोग ने कहा, कांग्रेस ने फर्जी वोटर लिस्ट पेश की, सजा दी जाये  

चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मतदाताओं की फर्जी वोटर लिस्ट पेश की है.

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 NewDelhi : चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस को सजा देने की मांग की है. चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मतदाताओं की फर्जी वोटर लिस्ट पेश की है. ऐसा कर कांग्रेस ने कोर्ट को भटकाने का प्रयास किया. इसके लिए उसे सजा दी जानी चाहिए. आयोग की यह टिप्पणी कांग्रेस के उन आरोपों पर आयी, जिसमें पार्टी द्वारा कहा गया था कि एमपी और राजस्थान की मतदाता सूची में लाखों वोटरों के नाम दो बार आ गये हैं. यह दावा कोर्ट के समक्ष पार्टी नेता कमलनाथ और सचिन पायलट ने किया थे. इस मामले में कोर्ट ने चुनाव आयोग को जवाब देने के लिए कहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग ने कहा कि कांग्रेस ने जो लिस्ट दी है, उसमें लोगों के नामों और फोटो के साथ हेराफेरी हुई है.

आयोग के वकील विकास सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता ने नकली वोटर लिस्ट देकर कोर्ट को इस मामले में गुमराह करने की कोशिश की है.  साथ ही दावा किया कि वे आंकड़े आयोग के नहीं हो सकते. वे निजी हैं.

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 टेलीविजन चैनलों ने जो सूची दिखायी. यही सूची आयोग में दी गयी

इस क्रम में कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने कांग्रेस का पार्टी का पक्ष रखा और कहा कि कोर्ट में वही आंकड़े पेश किये गये, जो सार्वजनिक हैं. कहा कि टेलीविजन चैनलों ने भी इसी सूची को दिखाया. यही सूची आयोग को दी गयी.  आयेाग के वकील का इस पर जवाब था कि उन्हें इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं है.   बता दें कि इस संबंध में वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कमलनाथ और पायलट की ओर से पक्ष पिछले माह कोर्ट में रखा था. सिंघवी ने कहा था कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ ने खुद सर्वे कराया, जिसमें जानकारी मिली कि  मतदाता सूची में लगभग 60 लाख लोगों के नाम दो बार शामिल पाये गये.

जान लें कि चुनाव आयोग ने पिछली सुनवाई में अपनी बात रखी थी कि याचिकाकर्ता कमलनाथ या उनकी पार्टी गुहार नहीं लगा सकती कि आयेाग को   किस तरीके से चुनाव करवाने का निर्देश दिया जाये.आयेाग केकाम में राजनीतिक दल किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर सकते. बता दें कि याचिका पर 23 अगस्त को कोर्ट ने चुनाव आयेाग को नोटिस जारी किया था. इस क्रम में कोर्ट ने एमपी व राजस्थान के राज्य चुनाव आयोगों को भी नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था.

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