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बड़े राजदार हैं साहेबगंज के डीएमओ, चार वर्ष से एक ही जगह पर हैं जमे हुए, आपराधिक षडयंत्र का है मामला दर्ज

Ranchi : निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल, उनके करीबी सीए सुमन कुमार, पति अभिषेक झा, पाकुड़ और दुमका के डीएमओ से पूछताछ के दौरान कई सफेदपोशों तक पैसों के लेनदेन की जानकारी मिली है. वहीं अब ईडी की निगाहें साहेबगंज के डीएमओ विभूति कुमार पर हैं. ईडी की तरफ से पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था. हालांकि निजी कारणों से अभी तक ईडी के सामने उपस्थित नहीं हुए हैं. वह शुक्रवार को ईडी के सामने पेश हो सकते हैं. साहेबगंज डीएमओ विभूति कुमार पर आइएएस पूजा सिंघल तक रुपये पहुंचाने का आरोप है. साथ ही पंकज मिश्रा समेत कई अन्य को खनन पट्टा देने का भी आरोप है. ईडी की पूछताछ में कई नये राज खुल सकते हैं. साहेबगंज डीएमओ विभूति कुमार पिछले चार साल से साहेबगंज में उसी पद पर हैं.

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पंकज मिश्रा के काफी करीबी बताये जाते हैं. साहेबगंज में अवैध उत्खनन के बदले बड़ी राशि वसूली जाती है और उसका एक बड़ा हिस्सा बड़े अधिकारियों तक पहुंचता है. साहेबगंज में पत्थर खनन को लेकर सबसे अधिक वसूली होती है. साहेबगंज डीएमओ के कार्यालय और घर पर बड़े-बड़े पत्थर व्यवसायियों का जमावड़ा रहता है. ईडी इन सभी से आरोपों को लेकर सवाल करनेवाली है.

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पंकज मिश्रा के नजदीकी माने जाते हैं डीएमओ

साहेबगंज डीएमओ विभूति कुमार पंकज मिश्रा के नजदीकियों में से एक माने जाते हैं. जानकारी के अनुसार पिछले साल 7 जून 2021 को साहेबगंज के तालझड़ी थाना अंतर्गत गुदवा स्थित बजरंग स्टोन वर्क्स में पंकज मिश्रा, डीएमओ विभूति कुमार, हरिवंश पंडित और तालझड़ी के सीओ साइमन मरांडी सरकारी गाड़ी से पहुंचे और क्रशर के काम को बंद करने को कहा. इसी क्रम में वहां के कर्मी रमेश पासवान से वो लोग उलझ गये. मामले को लेकर रमेश थाना पहुंचे. प्राथमिकी दर्ज करवाने का प्रयास किया.

लेकिन रसूखदारों का मामला सामने आने पर मामला दर्ज नहीं किया गया. इसके बाद रमेश पासवान ने कोर्ट में कंम्पलेन केस दर्ज कराया, डीएमओ, पंकज मिश्रा, हरिवंश पंडित और सीओ पर बदतमीजी करने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. मामले में छह लोगों की गवाही के बाद कोर्ट ने 30 सितंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था.

खनन माफियाओं के इशारे पर अफसरों ने बंद रखी आंख

साहेबगंज जिले में अवैध खनन का कारोबार बहुत पुराना है. जिले में दशकों अवैध खनन का धंधा चल रहा है. माफियाओं के इशारे पर प्रशासनिक व पुलिस विभाग के अधिकारियों ने अवैध खनन की तरफ आंखें बंद रखीं. नतीजा यह हुआ कि अवैध खनन में करीब आधा दर्जन पहाड़ गायब हो चुके हैं. वहीं जिले में गड़वा पहाड़, पंगड़ो पहाड़, अमरजोला पहाड़, नासा पहाड़, धोकुटी, गुरमी पहाड़ी, बोरना पहाड़, महादेवगंज, बिहारी, कोदरजन्ना, सकरीगली, महाराजपुर स्थित पहाड़ का अस्तित्व खतरे में है. सूत्रों के अनुसार साहेबगंज में प्रतिदिन दो हजार ट्रक पत्थरों की ढुलाई होती है.

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लीज मिलने के बाद सीमांकन की जांच नहीं होने की वजह से आवंटित क्षेत्र से कई गुना अधिक खनन किया जाता है. खनन माफियाओं ने तो जिले की इस कीमती खनिज से अपनी तिजोरी भरी ही. साथ ही भ्रष्ट अफसर और नेताओं की भी अवैध कमाई होती रही. ईडी की कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया है कि योजनाबद्ध तरीके से अवैध माइिनंग को अंजाम दिया जाता है. सबसे बड़े अवैध खनन का मामला नया नहीं है. लेकिन इस मामले को माफियाओं ने अपने धनबल से बहुत उभरने नहीं दिया. यह सब काम पुलिस व क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी में चलता रहा. अब ईडी डीएमओ साहेबगंज से कई ऐसे ही सवाल करने वाली है.

डीएमओ पर आपराधिक षडयंत्र जैसे आरोप में सीजीएम कोर्ट में दर्ज है मामला

साहेबगंज डीएमओ विभूति कुमार सहित अन्य के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में कम्पलेन केस दर्ज है. परशुराम कुमार यादव ने यह कम्पलेन किया है. जिसमें साहेबगंज डीएमओ विभूति कुमार, पंकज मिश्रा रेलवे के अधिकारी सहित 38 लोगों पर आरोप है. आइपीसी की धारा 147, 148, 149, 395 और 120B के तहत शिकायत की गयी है. आरोपी पर डकैती, आपराधिक षड्यंत्र का आरोप है.

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