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नहीं थम रहा मेयर व नगर आयुक्त के बीच का विवादः मेयर ने बुलाई थी वर्चुअल मीटिंग, फिर शामिल नहीं हुए नगर आयुक्त

Ranchi: रांची की मेयर डॉ आशा लकड़ा व नगर आयुक्त के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसका उदाहरण एकबार फिर देखने को मिला. मेयर आशा लकड़ा ने गुरुवार को शहर की सफाई और सैनिटाइजेशन को लेकर वर्चुअल मीटिंग बुलाई थी.

जिसमें नगर आयुक्त समेत संबंधित अधिकारियों को शामिल होने का निर्देश दिया गया था. लेकिन, पिछली बैठकों की तरह ही इस बार भी नगर आयुक्त शामिल नहीं हुए और ना ही संबंधित अधिकारी व स्टाफ ने ही उपस्थिति दर्ज कराई.

मेयर ने कहा कि नगर विकास विभाग के सचिव और रांची नगर निगम के नगर आयुक्त अपनी जिम्मेदारी को छोड़कर सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. साफ़-सफाई व सैनिटाइजेशन की समीक्षा के लिए गुरुवार को वर्चुअल बैठक आहूत करने के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया था.

लेकिन ठीक एक दिन पूर्व बुधवार को नगर विकास विभाग के सचिव ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग कर नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि मानसून से पूर्व नालियों व बड़े नालों की सफाई कराएं. वहीं, नगर आयुक्त ने भी आनन-फानन में देर शाम रिकार्डेड वीडियो क्लिप के साथ सफाई व सैनिटाइजेशन से संबंधित कार्यालय आदेश जारी कर दी.

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इतना ही नहीं कार्यालय आदेश की प्रति सिर्फ नगर विकास विभाग के सचिव को दी जा रही है. मेयर, डिप्टी मेयर समेत 53 वार्ड पार्षदों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई. नगर आयुक्त के इस आचरण से स्पष्ट है कि वे नगर विकास विभाग के सचिव के दिशा-निर्देशों को ही सर्वोपरि मान रहे हैं.

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अभियान के नाम पर सिर्फ आईवाशः

मेयर ने कहा कि इससे पूर्व भी नगर आयुक्त ने नगर विकास विभाग के सचिव के निर्देश पर ‘चलो करें कोरोना को डाउन, रांची बनेगा नम्बर वन टाउन’ अभियान शुरू किया था.

परंतु वार्ड- 2,3,4, 32, 33, 34, 35 व 36 में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि अभियान के नाम पर सिर्फ आइवाश किया जा रहा है. नगर आयुक्त सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं.

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अब बुधवार को फिर एक नया अभियान ‘सफाई तो होकर रहेगी’ शुरू किया है. मेयर ने यह भी कहा कि नगर आयुक्त जब से रांची नगर निगम में पदस्थापित हुए है, राजनीति के सिवाय कुछ नहीं किए. इनके कार्यकाल की कोई उपलब्धि भी नहीं है.

अधिकारी होने के नाते इन्हें प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए. परंतु नगर आयुक्त न तो मेयर के निर्देश का पालन करते हैं और न ही मेयर के पत्र का जवाब देते हैं. रांची नगर निगम में अब तक तीन नगर आयुक्त प्रशांत कुमार, शांतनु अग्रहरि व मनोज कुमार रहे. उन्होंने किसी विषय पर मतभेद होने की स्थिति में उसका समाधान किया न कि राजनीति की.

नगर आयुक्त मुकेश कुमार को समीक्षा बैठक करने के लिए निर्देश दे रही हूं तो वे बैठक से भाग रहे हैं. नगर आयुक्त को समझना होगा कि किसी भी सूरत में शहर की साफ सफाई व सैनिटाइजेशन का कार्य नियमित रूप से होना चाहिए.

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