न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

सरकार और संवेदक के बीच विवाद बना लोगों के गले की फांस, एनएच जीर्णोद्धार कार्य पर लगा ग्रहण

368

Chatra : जिले से होकर गुजरनेवाले राष्ट्रीय राजमार्ग 99 और 100 का वजूद खतरे में है. झारखंड-बिहार के दोस्ताने संबंध का प्रतीक और जिले की लाइफलाइन कहे जानेवाले इस एनएच की पहचान अब धीरे-धीरे मिटती जा रही है. ऐसा नहीं है कि इस एनएच पर वाहनों का परिचालन बंद है. प्रतिदिन इस पर हजारों निजी और व्यावसायिक वाहनों का परिचालन होता है. लेकिन, सड़क की बदहाली और उसकी जर्जर अवस्था आज लोगों के लिए परेशानी का सबब गयी है. यूं कहें कि किसी जमाने मे जिले की शान का प्रतीक रहे इस एनएच की पहचान आज गड्ढे और टूटे-फूटे पुल-पुलिया हो गये हैं. ऐसे में इस एनएच पर यात्रा करनेवाले यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच पायेंगे या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है. सड़क की बदहाली के कारण आज लोग इस पथ पर चलने से भी कतराने लगे हैं.

eidbanner

इसे भी पढ़ें- जलजमाव और गंदगी की स्थिति से तत्काल निपटें वार्ड सुपरवाइजर, नहीं तो होगी कार्रवाई : मेयर

सरकार और संवेदक के विवाद में पिस रही जनता

इन राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली का कारण राज्य सरकार और संवेदक के बीच चल रहा विवाद है. जानकारी के अनुसार जिले से होकर गुजरनेवाला झारखंड-बिहार को जोड़नेवाला जर्जर एनएच 99 के निर्माण और जीर्णोद्धार का काम हरियाणा के पंचकुला की एमजी सीपीएल प्राइवेट कंस्ट्रक्शन नामक एजेंसी को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सौंपा था. करीब 88 करोड़ की लागत से होनेवाले इस निर्माण कार्य को लेकर प्राधिकरण ने कार्य एजेंसी के साथ जनवरी 2017 में एकरार किया था. एकरारनामा के बाद एजेंसी ने निर्देशों के अनुरूप एनएच जीर्णोद्धार कार्य भी शुरू कर दिया था. लेकिन, कुछ दिनों बाद ही राज्य सरकार के साथ संवेदक के हुए मापी विवाद के कारण काम बंद हो गया. विवाद आज भी न्यायालय में लंबित है. ऐसे में सरकार और संवेदक के विवाद में जहां जनता पिस रही है, वहीं एनएच जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य पर भी ग्रहण लग गया है. जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक संवेदक कार्य नहीं कराने के मूड में है.

इसे भी पढ़ें- गोमिया में मनरेगा में घोटाले की खुली पोल, बरसात से पहले ही धंस गया कुआं

तीन मीटर के विवाद में जा रही लोगों की जान

एनएच जीर्णोद्धार कार्य कर रही एजेंसी और सरकार के बीच महज तीन मीटर सड़क चौड़ीकरण का ही विवाद है. इसी तीन मीटर के विवाद में यह एनएच हादसों का कारण बन रहा है. स्थिति यह है कि प्रत्येक दो दिनों में इस सड़क पर भीषण हादसे हो रहे हैं, जिसमें या तो लोग अपनी जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं. यात्री जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सड़क जीर्णोद्धार की फरियाद कर रहे हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: