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सरकार और संवेदक के बीच विवाद बना लोगों के गले की फांस, एनएच जीर्णोद्धार कार्य पर लगा ग्रहण

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Chatra : जिले से होकर गुजरनेवाले राष्ट्रीय राजमार्ग 99 और 100 का वजूद खतरे में है. झारखंड-बिहार के दोस्ताने संबंध का प्रतीक और जिले की लाइफलाइन कहे जानेवाले इस एनएच की पहचान अब धीरे-धीरे मिटती जा रही है. ऐसा नहीं है कि इस एनएच पर वाहनों का परिचालन बंद है. प्रतिदिन इस पर हजारों निजी और व्यावसायिक वाहनों का परिचालन होता है. लेकिन, सड़क की बदहाली और उसकी जर्जर अवस्था आज लोगों के लिए परेशानी का सबब गयी है. यूं कहें कि किसी जमाने मे जिले की शान का प्रतीक रहे इस एनएच की पहचान आज गड्ढे और टूटे-फूटे पुल-पुलिया हो गये हैं. ऐसे में इस एनएच पर यात्रा करनेवाले यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच पायेंगे या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है. सड़क की बदहाली के कारण आज लोग इस पथ पर चलने से भी कतराने लगे हैं.

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सरकार और संवेदक के विवाद में पिस रही जनता

इन राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली का कारण राज्य सरकार और संवेदक के बीच चल रहा विवाद है. जानकारी के अनुसार जिले से होकर गुजरनेवाला झारखंड-बिहार को जोड़नेवाला जर्जर एनएच 99 के निर्माण और जीर्णोद्धार का काम हरियाणा के पंचकुला की एमजी सीपीएल प्राइवेट कंस्ट्रक्शन नामक एजेंसी को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सौंपा था. करीब 88 करोड़ की लागत से होनेवाले इस निर्माण कार्य को लेकर प्राधिकरण ने कार्य एजेंसी के साथ जनवरी 2017 में एकरार किया था. एकरारनामा के बाद एजेंसी ने निर्देशों के अनुरूप एनएच जीर्णोद्धार कार्य भी शुरू कर दिया था. लेकिन, कुछ दिनों बाद ही राज्य सरकार के साथ संवेदक के हुए मापी विवाद के कारण काम बंद हो गया. विवाद आज भी न्यायालय में लंबित है. ऐसे में सरकार और संवेदक के विवाद में जहां जनता पिस रही है, वहीं एनएच जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य पर भी ग्रहण लग गया है. जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक संवेदक कार्य नहीं कराने के मूड में है.

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तीन मीटर के विवाद में जा रही लोगों की जान

एनएच जीर्णोद्धार कार्य कर रही एजेंसी और सरकार के बीच महज तीन मीटर सड़क चौड़ीकरण का ही विवाद है. इसी तीन मीटर के विवाद में यह एनएच हादसों का कारण बन रहा है. स्थिति यह है कि प्रत्येक दो दिनों में इस सड़क पर भीषण हादसे हो रहे हैं, जिसमें या तो लोग अपनी जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं. यात्री जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सड़क जीर्णोद्धार की फरियाद कर रहे हैं.

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