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निलंबित कार्यपालक अभियंता को पेयजल विभाग ने दी निंदन की सजा

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Ranchi : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की तरफ से निलंबित कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद को निंदन की सजा दी गयी है. इस संदर्भ में विभाग की तरफ से कहा गया है कि प्रसाद को उनके वेतन का 50 फीसदी ही मिलेगा. जानकारी के अनुसार जमशेदपुर अंचल में रहते हुए उनपर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा था.

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क्या है मामला

विभाग की तरफ से नीर निर्मल योजना में चक्रधरपुर के कई गांवों में ट्यूबवेल लगाने के लिए कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद ने वरीय अधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया और न ही उनके अनुरूप कार्रवाई की. उनके द्वारा मनचाहे संवेदकों को काम आवंटित करने की पुष्टि भी हुई. विभाग की तरफ से 2016 में उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी. इसमें सभी तथ्य सही पाये गये. एसीबी ने भी अपनी जांच में इन बातों की पुष्टि की है. कार्यपालक अभियंता ने इस दरम्यान निलंबन की सजा से मुक्त करने का अनुरोध किया, जिसपर 25 मार्च 2018 को अधिसूचना जारी कर आग्रह को स्वीकार करने की बातें कही गयीं. इस दौरान विभागीय कार्यवाही भी समाप्त हो गयी. विभागीय कार्यवाही के नतीजे के रूप में कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद को निंदन की सजा दी गयी है. निलंबन की अवधि में प्रसाद विभाग के सेंट्रल डिजाइनिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीओ) में पदस्थापित थे.

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