न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

निगम की मासिक बैठक में एस्सेल इंफ्रा पर हंगामा होना तय, कई पार्षद कंपनी को हटावाने के मूड में   

वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 2220 करोड़ का है निगम का बजट

27

Ranchi : सफाई कार्य नहीं होने से बदहाल होती जा रही शहर की व्यवस्था के बीच शनिवार को रांची नगर निगम परिषद की मासिक बैठक होनी है. इस बैठक में सभी 53 पार्षद जहां 33 वार्डों में सफाई कार्य देख रही कंपनी एस्सेल इंफ्रा को हटाने को लेकर एक बार जोरदार हंगामा करेंगे. वहीं साल 2019-20 के लिए तय निगम के बजट पर भी विशेष चर्चा होगी. इस बार का बजट करीब 2220 करोड़ रूपये का है. इससे पहले शनिवार को हरमू एमटीएस में सफाई कर्मियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही. इसे लेकर अब कई पार्षद इस बार आर-पार के मूड में हैं. इसमें वार्ड-26 के अरूण कुमार झा, वार्ड-20 के सुनील यादव प्रमुख रूप से शामिल हैं. इन पार्षदों का कहना है कि बार-बार निगम के अधिकारी एस्सेल इंफ्रा को केवल चेतावनी देकर शांत बैठ जाते हैं. लेकिन इस बार जब परिषद में कंपनी को हटाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है, तो हम पार्षदों का समूह निगम के जनप्रतिनिधि पर कंपनी को हटाने पर दबाव बनाने में भी पीछे नहीं हटेंगे.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में पहली बार जंगल और संसाधनों का होगा ऑडिट, वन विभाग ने निकाला टेंडर

संशोधित बजट लाने का दिया था निर्देश

इससे पहले रविवार को निगम की स्टैडिंग कमेटी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 2220 करोड़ के बजट पर विशेष चर्चा हुई थी. बजट में जनहित के मुद्दों को शामिल करने पर खुशी जताते हुए मेयर आशा लकड़ा ने अधिकारियों को कहा था कि इसमें कई नए प्रावधानों को समाहित किया जायेगा. अब संशोधित बजट पर निगम परिषद की बैठक में विशेष चर्चा की जानी है.

इसे भी पढ़ें – 18 सालों के बाद झारखंड का हुआ टीवीएनएल, बिहार ने सशर्त जतायी सहमति- झारखंड ने भरी हामी

फिर गरमाएगा एस्सेल इंफ्रा को हटाने का मामला

वही कंपनी एस्सेल इंफ्रा की कार्यशैली को लेकर निगम के पार्षद नाराज हैं. निगम परिषद की बैठक में यह मुद्दा एकबार फिर गरमा सकता है. वार्ड-26 स्थित एमटीएस में चार दिनों से चल रही हड़ताल पर पार्षद अरूण झा का कहना है कि कंपनी अपने मनमाने रवैये पर उतर आयी है.

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही कंपनी के अधिकारियों ने नगर आयुक्त से मांग की थी कि 33 वार्डों के अलावा अन्य 20 वार्डों में भी कंपनी को सफाई का काम दे दिया जाए. जब मेयर सहित नगर आयुक्त ने इस बात के संकेत दिया था कि इसपर विचार किया जा सकता है. तो अब फिर से कंपनी पीछे हट गयी है. ऐसे में यह साफ संकेत है कि कंपनी ही अब सफाई कार्य नहीं करना चाहती है. उन्होंने कहा कि परिषद की बैठक में कंपनी को हटाने के निर्णय लिये जाने पर तमाम पार्षदगण निगम के अधिकारियों पर विशेष दबाव बनाने का प्रयास करेंगे.

इसे भी पढ़ें – इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरीय उपाध्यक्ष पर ढुल्लू का पलटवार, कहा- ये उद्यमी…

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: