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धरने पर बैठीं रसोइया-संयोजिकाओं ने की अष्टमी पूजा, की सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना

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Ranchi : झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया, संयोजिका, अध्यक्ष संघ के बैनर तले राजभवन के समक्ष धरने पर बैठीं रसोइया, संयोजिकाओं ने बुधवार को महाअष्टमी की पूजा धरनास्थल पर ही की. इस दौरान महिलाओं ने उपवास कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की. धरने पर बैठीं रसोइया, संयोजिकाओं में कुछ मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हैं और इन मुस्लिम महिलाओं ने भी धरनास्थल पर ही अल्लाह की इबादत करते हुए सरकार को सद्बुद्धि देने की दुआ की. वहीं, ईसाई महिलाओं ने भी कैंडिल जलाकर प्रभु यीशु की आराधना करते हुए सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की.

धरने पर बैठीं रसोइया-संयोजिकाओं ने की अष्टमी पूजा, की सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना
धरना स्थल पर अपने-अपने आराध्य से प्रार्थना करतीं महिलाएं.

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सरकार गांवों से विद्यालयों को दूर कर रही है

प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने इस दौरान बताया कि किसी भी हाल में मिड डे मील कर्मी धरनास्थल से नहीं हटेंगे. नवमी की पूजा भी राजभवन के समक्ष ही की जायेगी. उन्होंने कहा कि 22 दिनों से रसोइयाकर्मी धरना पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से किसी ने रसोइयाकर्मियों की सुध नहीं ली. इससे स्पष्ट होता है कि सरकार को गरीबों से सरोकार ही नहीं है. कोषाध्यक्ष अनिता देवी ने कहा कि मिड डे मील कर्मियों को वेतन कम देना, विद्यालयों का विलय करना समेत सरकार ने कई ऐसे फैसले लिये हैं, जो गरीबों के हित में नहीं हैं. विद्यालयों का विलय कर सरकार गांवों से विद्यालयों को दूर कर रही है.

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पूजा के बाद भी जारी रहेगा धरना

अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि 22 अक्टूबर तक पूजा को ध्यान में रखते हुए रसोइया कर्मी शांतिपूर्ण तरीके से धरना देंगी. इसके बाद व्यापक तरीके से धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. रसोइयाकर्मी की सहायता के लिए संयुक्त पारा शिक्षक संघ, सरकारी शिक्षक संघ, कोल मजदूर यूनियन समेत अन्य संगठनों ने सड़क पर उतरने का आश्वासन दिया है.

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ये हैं मांगें

2016 में राज्य भर से हटायी गयीं रसोइयाकर्मियों को वापस नौकरी पर रखा जाये, तमिलनाडु की तर्ज पर रसोइयाकर्मियों को फोर्थ ग्रेड कर्मचारी में शामिल किया जाये, संयोजिका का मानदेय तय किया जाये, सूखा के समय रसोइयाकर्मियों से 25 दिन काम लिये जाने का बकाया भुगतान किया जाये, बंद किये गये 350 विद्यालयों को खोला जाये और 10,000 विद्यालयों को बंद करने का निर्णय वापस लिया जाये, अध्यक्षों को मानदेय दिया जाये, साथ ही रसोइयाकर्मियों को दस माह की जगह 15 माह का वेतन दिया जाये, रसोइया को आठ माह के बकाया वेतन का भुगतान किया जाये.

ये थे मौजूद

मौके पर अनिता देवी, देवकी देवी, रजनी लुगून, आशा दत्ता, सुनीता देवी, रिहाना खातून समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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