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18वें एशियाई खेलों का रंगारंगा समापन, रानी रामपाल बनीं ध्वजवाहक

Jakarta: इंडोनिशया में पिछले 15 दिनों से चल रहे 18वें एशियाई खेलों का रंगारंग समापन रविवार को हुआ. समापन समारोह के दौरान भारी बारिश के बावजूद हजारों दर्शक स्टेडियम में समारोह के लिए मौजूद थे. समारोह के दौरान बालीवुड को लेकर इंडोनेशिया के प्यार की झलक भी देखने को मिली जब गायक सिद्धार्थ स्लाथिया और देनादा ने ‘कोई मिल गया’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘जय हो’ जैसे लोकप्रिय गाने गाए.

एशिया की संयुक्त भावना की दिखी झलक

समापन समारोह में एशिया की संयुक्त भावना को दिखाया गया जिसमें भारत, चीन और कोरिया के कलाकारों ने प्रस्तुति दी. भारत के सिद्धार्थ उन छह गायकों में मौजूद थे जिन्होंने अपनी स्थानीय भाषा में खेल के गान को गाया. उन्होंने प्रतिष्ठित गायक इकोन और कोरिया के सुपर जूनियर के अलावा स्थानीय गायकों इसयाना सरस्वती, दिरा सुगांदी, आरएएन और बुंगा सित्रा लेस्तारी के साथ मिलकर दर्शकों का मनोरंजन किया.

गेलोरा बुंग कर्णों स्टेडियम की क्षमता 76000 दर्शकों की है लेकिन जब यहां ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं का आयोजन हो रहा था तो इसे देखने के लिए काफी लोग मौजूद नहीं थे लेकिन मनोरंजन से भरे दो घंटे लंबे समापन समारोह के लिए स्टेडियम खचाखच भरा था.

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उम्मीद के मुताबिक समापन समारोह उद्घाटन समारोह जैसा भव्य नहीं था जिसमें इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने आयोजन स्थल पर बाइक स्टंट के साथ प्रवेश करते हुए सुर्खियां बटोरी थी. लेकिन गाने, नृत्य और पटाखों के कारण इसमें मजे की कोई कमी नहीं थी. इस दौरान विडोडो का वीडियो संदेश भी दिखाया गया.

आयोजकों के लिए यह कड़े और सफल अभियान का अंत रहा जिन्हें वियतनाम के हटने के बाद बहु खेलों वाली इस दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता की तैयारी के लिए चार साल का समय मिला था. इस प्रतियोगिता के इतिहास में पहली बार जकार्ता और पालेमबांग के रूप में दो शहरों ने सह मेजबान के रूप में प्रतियोगिता का आयोजन किया.

आयोजन समिति आईएनएएसजीओसी प्रमुख एरिक थोहीर ने कहा, ‘सभी ने समर्थन दिया, यह सबसे महत्वपूर्ण है. पूरा इंडोनेशिया एक हो गया और खेलों का समर्थन किया. मार्च 2016 से ही हमारे पास योजना थी. एक संगठन के रूप में अपने सुनिश्चित किया कि हम इस योजना को लागू करें.’

इंडोनेशिया 1962 के बाद पहली बार एशियाई खेलों का आयोजन कर रहा था और इस सफल आयोजन से देश को 2032 ओलंपिक की दावेदारी करने का आत्मविश्वास भी मिला है. वीआईपी क्षेत्र में ओसीए प्रमुख अहमद अल फहद अल सबाह और इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति के साथ अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख थामस बाक भी मौजूद थे.

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रानी रामपाल ने की इंडियन टीम की अगुवाई

रानी रामपाल ने उठाया तिरंगा

उम्मीद के मुताबिक पदक तालिका में पहले दो स्थानों पर रहे चीन और जापान के खिलाड़ियों का स्टेडियम में प्रवेश पर स्वागत किया गया लेकिन सबसे अधिक हौसलाअफजाई इंडोनेशिया के दल की हुई जो चौथे स्थान पर रहा.

भारत दल की अगुआई महिला हॉकी टीम की कप्तान और ध्वजवाहक रानी रामपाल ने की. भारत के लिए भी यह यादगार खेल रहे जिसने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कांस्य पदक सहित कुल 69 पदक जीते.

अंत में अगले मेजबान शहर का संक्षिप्त वीडियो भी जाइंट स्क्रीन पर दिखाया गया जिसके बाद संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई.

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