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प्रतियोगिता की तैयारी के लिए शहर छोटा या बड़ा मायने नहीं रखता : सुमन मोहंती

नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच ही प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता दिलाती है

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Ranchi : कोई परीक्षा या विषय कठिन नहीं होते. नियमित अभ्यास करने से कठिनाई सरल हो जाती है. यूपीएससी जैसी प्रतियोगिता के लिए यह बेहद जरूरी है. जब तक एकाग्रता के साथ पढ़ाई नहीं करेंगे तब तक सफलता नहीं मिलेगी.

उक्त बातें 2009 के यूपीएससी परीक्षा में देश भर में नौवीं रैंक लाने वाले सिविल सर्विसेज परीक्षा विशेषज्ञ सुमन सौरभ मोहंती ने कहा. सुमल महंती पश्चिम बंगाल कैडर के हैं. वे रांची विश्वविद्यालय एनएसएस की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन प्रतियोगी परीक्षाओं में लगे छात्रों का मनोबल बढ़ाने और उनका मार्गदर्शन करना था.

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कठिन विषयों का नियमित अभ्यास करें

छात्रों को संबोधित करते हुए सुमन ने कहा कि कई बार कुछ विषय छात्रों को काफी कठिन लगते हैं. जबकि कुछ काफी सरल. रूचि के अनुसार ऐसा होता है. लेकिन प्रतियोगिता के लिए जरूरी है कि हर विषय में अपनी पकड़ बनायें. ऐसे में कठिन विषयों का लगातार अभ्यास काफी जरूरी है. बेहतर होगा कि पांच दिनों तक लगातार ऐसे विषयों का अभ्यास करें, जो काफी कठिन लगते हों.

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 डर का अंत करें

शिक्षकों का योगदान काफी जरूरी है. छात्रों को भी चाहिए कि शिक्षकों से खुल कर बात करें. अपनी समस्याओं को शिक्षकों को बतायें. ताकि समाधान  हो सके. उन्होंने कहा कि एक छोटी सी पहल से शुरुआत होती है. तैयारी के लिए शहर छोटा हो या बड़ा यह मायने नहीं रखता, बल्कि प्रतियोगिता के डर को अपने अंदर से समाप्त करना मायने रखता है. दोस्तों के साथ डिस्कशन करें, जिससे ज्ञान का सृजन होगा.

 ये थे उपस्थित

मौके पर कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय, प्रतिकुलपति डॉ कामिनी कुमार, डॉ ब्रजेश कुमार, राष्ट्रीय सेवा योजना के अभिषेक, रोहित, सचिन, राजेश, सुनील खलखो समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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