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मुख्‍य सचेतक और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री की विस में तीखी नोक-झोंक, रामचंद्र बोले- हड़बड़ाने से मंत्री थोड़े बन जाइएगा!

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Ranchi: सदन की कार्यवाही शुक्रवार को पूरी चली. शून्यकाल, प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, तारांकित प्रश्न सभी पर चर्चाएं हुई. प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक फूलचंद मंडल के गंभीर बीमारी योजना के अंतर्गत मिलने वाले पैसों के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री और सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर के बीच तीखी नोकझोंक हो गयी. स्वास्थ्य मंत्री ने राधाकृष्ण किशोर को कह दिया कि हड़बड़ाने से थोड़े न मंत्री बन जाइयेगा! ये सुनते ही सदन के सभी मंत्री ठहाका लगाने लगे.

हमारे वरिष्ठ विधायक को चींटी काटने की आदत है

स्वास्थ्य मंत्री ने पूरक सवाल कर रहे राधाकृष्ण किशोर को जवाब देते हुए कहा कि हमारे वरिष्ठ विधायक को चींटी काटने की आदत है, बीच-बीच में काटते रहते हैं. इसपर राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि क्या सदन में सवाल करने वाले सारे विधायक मंत्री बनना चाहते हैं. विधायक अपना सवाल यहां नहीं पूछेंगे तो किससे पूछेंगे. राधाकृष्ण किशोर ने दोबारा रामचंद्र चन्द्रवंशी को टोका, तब उन्होंने अशोक कुमार द्वारा सवाल का जवाब देने के क्रम में कहा कि कल जवाब देंगे. इसपर राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि महोदय, मंत्री जी को पता तक नहीं है कि शनिवार को छुट्टी होती है, कल किसको और कैसे जवाब देंगे.

बीमा कंपनियों द्वारा किये गये दावा की मांगी थी जानकारी

फूलचंद मंडल के गंभीर बीमारी योजना के तहत सवाल के दौरान बताया कि सिविल सर्जन योजना के तहत पैसा नहीं दे रहे, और कहते हैं पैसा नहीं है. इसपर जवाब देकर बताया कि 68 करोड़ इस मद के लिए दिये गये थे, जो खत्म हो गये हैं. अगले वित्तीय वर्ष में फिर से पैसा मिलते ही भुगतान हो जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना बंद नहीं होगी. इसी पर पूरक सवाल पूछते हुए राधाकृष्ण किशोर ने बीमा कंपनियों द्वारा आयुष्मान के लिए कितना दावा किया गया है और कितने का भुगतान किया गया है. इसके जवाब में बताया गया कि 35.27 करोड़ का दावा किया गया है और भुगतान 25.16 करोड़ हुआ है.

सुखदेव सिंह और कुणाल षाडंगी ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग की

कांग्रेस के विधायक सुखदेव भगत और कुणाल षाडंगी ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग की है. सुखदेव भगत ने कहा कि आप जेपीएससी का हाल समझ सकते हैं. जब मंत्री अमर बाउरी ने ही अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरे से भी जेपीएससी में कराने के लिए 9 लाख रुपये मांग गए थे. उन्होंने कहा कि अमर बाउरी के अध्यक्षता में ही कमिटि में गठित समिति की अनुशंसा सरकार नहीं मान रही है. 21 जनवरी को जेपीएससी पर कोर्ट का फैसला आना है, सरकार जेपीएससी की परीक्षा को तत्काल स्थगित करे. सत्र के पहली पाली से पहले सुखदेव भगत ने तख्ती लेकर विरोध किया. वहीं दूसरी पाली के बाद कुणाल षाडंगी ने परीक्षा स्थगित करने की मांग की.

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