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पुनरीक्षित बजट की राशि खर्च नहीं होने पर मुख्य सचिव ने जतायी चिंता, कहा- बजटीय राशि की खर्च बढ़ायें

Ranchi : मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने वित्तीय वर्ष के आठ माह बीतने के बाद भी विभाग द्वारा पुनरीक्षित बजट की राशि खर्च नहीं होने पर चिंता जतायी है. विभिन्न विभागों से जो खर्च के आंकड़े पेश किये गए हैं, उसमे केवल 44 प्रतिशत ही राशि खर्च हो पायी हैं. मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि बजट का शत-प्रतिशत राशि खर्च हो. उन्होंने सचिवों से बजटीय राशि खर्च को बढ़ाने का भी निर्देश दिया. मुख्य सचिव बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 में बजट खर्च की समीक्षा कर रहे थे. इमसें वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित थे.

सचिवों ने कहा- योजनाओं में केंद्र सरकार ससमय राशि उपलब्ध नहीं कराने से हो रही हैं परेशानी

बैठक में केंद्रीय योजना में आ रही समस्या का भी मुद्दा उठा. अधिकतर सचिवों ने कहा कि योजनाओं में केंद्र सरकार ससमय राशि उपलब्ध नहीं करायी जा रही है, जिसपर मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को किस- किस योजना के मद में केंद्र द्वारा पैसा नहीं मिल रहा है, इसका पूरा प्रस्ताव तैयार करें. विभागीय सचिव व्यक्तिगत रूप से दिल्ली स्थित मंत्रालय जाकर समस्या का निदान करें. सरकार भी अपने स्तर पर इस दिशा में काम करेगी.

अनुपूरक बजट को लेकर निर्देश

समीक्षा बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि विभाग की किसी योजना का बजटीय राशि अगर मार्च- 2023 तक पूरी खर्च नहीं हो पाती है या किसी नये मद में अतिरिक्त राशि की जरूरत है, तो उसका भी एक प्रस्ताव तैयार कर सौंपे, ताकि आगामी शीतकालीन सत्र में आने वाले अनुपूरक बजट में इसे जोड़ा जा सकें.

बजट राशि का ब्यौरा रखा गया

समीक्षा बैठक में बजट राशि खर्च का जो ब्यौरा रखा गया है, उसके मुताबिक मूल बजट 1,01, 101 करोड़ रुपये का था. जबकि पुनरीक्षित बजट 1,03,845 करोड़ रुपए रहा. पुनरीक्षित बजट का 44,460 करोड़ रुपए यानि 44 फिसदी राशि खर्च हो पायी है. पुनरीक्षित बजट 1,03,845 करोड़ रुपए में योजना बजट 59,464 करोड़ और स्थापना बजट 44,381 करोड़ रुपए की है. वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 में राजस्व संग्रह का लक्ष्य 35,030 करोड़ रुपए का था. अबतक सरकार को 20,302 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहण हो पाया है, जो कुल लक्ष्य का 58 प्रतिशत है.

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