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चेंबर ने लिखा केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र, कहा- सीसीएल मे हो सुधार, कोयला परिषद की बैठक शुरू हो

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Ranchi: चेंबर की ओर से मंगलवार को केंद्रीय कोयला मंत्री और सीसीएल को पत्र लिखा गया जिसमें कोयला उठाव और कोल व्यापारियों को हो रही समस्या का जिक्र किया गया.

पत्र के माध्यम से सीसीएल की आधारभूत संरचना को विकसित करने, क्षेत्रीय कोयला उपभोक्ता परिषद् की वर्तमान में बंद बैठक फिर से आरंभ करने, व्यवस्थित धन वापसी प्रक्रिया का निर्माण करने और बिना ग्राहकों की गलती के सीसीएल की ओर से ईएमडी काटे जाने की प्रक्रिया में सुधार का आग्रह किया गया.

चेंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि हमारे सदस्य हर महीने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की स्पॉट ई नीलामी के नियमित प्रतिभागी हैं. इसमें कई ऑफर दिये जाते हैं. लेकिन नवीनतम उपकरणों की कमी, वेट ब्रिज जैसे बुनियादी ढांचे की कमी से परेशानी होती है.

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उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में क्षेत्रीय कोयला उपभोक्ता परिषद् की बैठक प्रत्येक वर्ष दो बार सीसीएल मुख्यालय में आयोजित की जाती थी. वर्ष 2013 के बाद से आरसीसीसी की बैठकें बंद हैं. वर्तमान में व्यापारियों की समस्याएं सुनने के लिए कोई अन्य विकल्प शुरू नहीं किया गया है. यह सुझाया गया कि क्षेत्रीय कोयला उपभोक्ता परिषद् की बैठक फिर से शुरू की जाये.

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ईएमडी मे होती हैं परेशानी

चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि ग्राहक विभिन्न ई नीलामी में भाग लेते हैं और कोलियरी में कोयला जमा करते हैं. लेकिन ग्राहक की ईएमडी को कोलियरी के दोष के बाद भी काट लिया जाता है. कई बार कोलियरी की खराबी के कारण कोयला अनियंत्रित रहता है जैसे स्थानीय समस्या, कोयले के उत्पादन में कमी आदि, लेकिन फिर भी ग्राहकों की किसी भी गलती के बिना ईएमडी काट लिया जाता है.

यह ग्राहकों की अनैतिक रूप से कटौती करने के सीसीएल का एक अभ्यास बन गया है जिससे भारी वित्तीय और मानसिक उत्पीड़न होता है. इसलिए इस संबंध में सुधार की आवश्यकता है. विदित हो कि समस्त मामले पर चेंबर ने राज्य सभा सांसद महेश पोद्दार और रांची सांसद संजय सेठ को भी पत्र दिया है.

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