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कलकत्ता हाईकोर्ट की भाजपा की रथ यात्राओं को हरी झंडी, ममता सरकार को झटका

कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी की तीन रथ यात्राओं को हरी झंडी दे दी है. साथ ही कोर्ट ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये हैं कि कानून एवं व्यवस्था कहीं भंग न हो.

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Kolkata :. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी की तीन रथ यात्राओं को हरी झंडी दे दी है. साथ ही कोर्ट ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये हैं कि कानून एवं व्यवस्था कहीं भंग न हो. यानी अब भाजपा राज्य में अपनी रथ यात्रा निकाल सकती है. बता दें कि ममता बनर्जी की सरकार ने भाजपा की रथ यात्राओं को मंजूरी नहीं दी थी. खबरों के अनुसार कलकत्ता हाई कोर्ट ने भाजपा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया. इससे पूर्व पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द्र में खलल पड़ने का अंदेशा जताने वाली खुफिया रिपोर्ट मिली थी. इसलिए राज्य में भाजपा की रथ यात्रा रैलियों को इजाजत देने से इनकार किया गया. वहीं, भाजपा के वकील एसके कपूर ने आरोप लगाया कि रथ यात्राओं को इजाजत देने से इनकार करना पूर्व निर्धारित था इसका कोई आधार नहीं था. कहा कि अंग्रेजों के जमाने में महात्मा गांधी ने दांडी मार्च किया. किसी ने उन्हें नहीं रोका लेकिन अब यहां सरकार कहती है कि वह एक राजनीतिक रैली निकालने की इजाजत नहीं देगी. अपनी याचिका के माध़्यम से भाजपा ने अपनी रैली को इजाजत नहीं दिये जाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार के कदम को चुनौती दी थी.

रथ यात्रा की को लेकर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की जरूरत पड़ेगी

इस क्रम में वकील एसके कपूर ने अदालत से कहा कि राज्य सरकार ने अपने दावे के समर्थन में कोई वस्तुनिष्ठ तथ्य नहीं रखा है और वह रैली करने से एक रजनीतिक दल को रोक रही है जबकि संविधान यह अधिकार देता है. अपने जवाब में महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को एक सीलबंद रिपोर्ट सौंपी और कहा कि भाजपा की विवरणिका में यात्रा को प्रकाशित करना साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील प्रकृति का है. दलील दी कि प्रशासनिक फैसले में अदालत के पास न्यायिक समीक्षा करने का सीमित दायरा है. उन्होंने कहा कि 2017 से पश्चिम बंगाल में विभिन्न राजनीतिक रैलियों और सभाओं के लिए 2100 इजाजत दी गयी लेकिन इस मामले में अंदेशे के चलते रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी गयी. राज्य की पुलिस की ओर से पेश हुए अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने दलील दी कि भाजपा की रथ यात्रा की व्यापकता को लेकर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की जरूरत पड़ेगी.
बता दें कि छह दिसंबर को अदालत की एक एकल पीठ ने भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत देने से इनकार कर दिया था, जिसका भाजपा प्रमुख अमित शाह सात दिसंबर को उत्तर बंगाल स्थित कूच बिहार में हरी झंडी दिखा कर शुभारंभ करने वाले थे. इसके बाद सात दिसंबर को खंड पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भाजपा के तीन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने तथा 14 दिसंबर तक यात्रा पर एक फैसला करने को कहा था. राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय टीम के साथ वार्ता के बाद रथ यात्रा की इजाजत देने से 15 दिसंबर को इनकार करते हुए यह आधार बताया था कि इससे साम्प्रदायिक तनाव हो सकता है.

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