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बजट में व्यापार-उद्योग जगत के लिए कोई प्रावधान का न होना निराश करता है : चैंबर अध्यक्ष

बजट पर व्यापारियों की प्रतिक्रिया

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Ranchi : मंगलवार को राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत किया गया. इस पर राज्य के व्यापारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. चैंबर अध्यक्ष दीपक मारू ने कहा कि बजट में सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि पर ध्यान केंद्रि‍त किया है, यह अच्छी बात है. लेकिन इस बजट में व्यापार/उद्योग के लिए कुछ भी नहीं है. मोमेंटम झारखंड में सरकार ने जो प्रयास किये थे, उसपर सरकार का अगला स्टेप क्या होगा, यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है. हमें उम्मीद थी कि प्रदेश की औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने के लिए सरकार बजट में अलग से राशि का आवंटन करेगी, लेकिन इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किये गये हैं. इससे हम व्यापारियों को निराशा हुई है.

कुणाल अजमानी, महासचिव

चैंबर महासचिव कुणाल अजमानी ने कहा कि बजट में सामाजिक सेक्टर पर फोकस करना बेहतर है. पर्यटन के क्षेत्र में भी बजटीय प्रावधान करते हुए विशेष पैकेज की घोषणा होनी चाहिए थी. इको-टूरिज्म के क्षेत्र में हमारा प्रदेश देश में प्रर्यटन हब बन सकता है. अजमानी ने कहा कि बजट में आवंटित राशियों का सदुपयोग बेहतर तरीके से हो, समयपूर्वक कार्ययोजना धरातल पर उतरे. इसके लिए सरकार को थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग सिस्टम को विकसित करनी चाहिए. रांची जैसे प्रमुख शहरों में प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों जैसे कॉमर्स एवं विज्ञान कॉलेजों की भारी कमी है. इसी प्रकार राज्य के प्रमुख शहरों में ट्रांस्पोर्ट नगर की स्थापना, अत्याधुनिक इंडस्ट्रीयल जोन की सुविधा पर विचार करने की भी आवश्यकता है.

सोनी मेहता, उपाध्यक्ष

 

बजट के माध्यम से सरकार ने सिल्क और खादी को प्रोत्साहित किया है, जिससे ग्रामीण तबके का विकास होगा और रोजगार में भी वृद्धि होगी. इसी प्रकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए सखी मंडलों को सशक्त करने की योजना उत्साहजनक है.

विकास विजयवर्गिय, कार्यकारिणी सदस्य

बजट में स्टार्टअप के लिए वर्तमान पॉलिसी के समुचित क्रियान्वयन हेतु बजटीय प्रावधान होना चाहिए था, जिससे अधिक से अधिक स्टार्ट अप उद्यमी आगे आ सकें. सरकार की योजनाओं के अनुरूप सरकार सोलर पावर लगा रही है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग इसका अधिकाधिक उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. इसी प्रकार इसमें सब्सिडी भी लोगों को मिलने में काफी विलंब हो रहा है. बजट में व्यापार व उद्योग जगत के लिए विशेष प्रावधान नहीं रखना चिंतनीय है.

प्रवीण जैन छाबडा, सह सचिव

झारखंड बजट में कृषि के लिए 7231 करोड़ का प्रावधान करना सकारात्मक प्रयास है. 46 प्रखंडों में कोल्ड रूम के निर्माण के साथ ई-नाम में निबंधित सभी किसानों को स्मार्ट फोन देकर किसानों को प्रोत्साहित करना बेहतर प्रयास है. किसानों को ई-नाम के उद्देश्यों के अनुरूप उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, ऐसा हमे विश्वास है.

राहुल मारू, कोषाध्यक्ष

बजट में सबसे अधिक राशि ग्रामीण विकास और शिक्षा पर आवंटित करना अच्छी सोच है. हमें उम्मीद थी कि नये वित्तीय वर्ष के बजट में सरकार व्यापार जगत के लिए भी कई योजनाएं लायेगी, लेकिन व्यापारी वर्ग इससे निराश हुआ है.

काशी कनोई, कार्यकारिणी सदस्य

राज्यस्तरीय प्लेसमेंट सेल की शुरूआत सरकार की अच्छी योजना है. इससे बेरोजगार युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिलने में आसानी होगी. राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि कार्य हेतु आर्थिक सहायता देने के उद्देश्‍य से कृषि आशीर्वाद योजना प्रारंभ करना सुखद है.

विनय कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष

हमें अपेक्षा थी कि इस बजट में व्यापारियों की सुविधा के लिए व्यापार-उद्योग आयोग का गठन होगा, किंतु हमें पुन: निराशा हाथ लगी है. प्रदेश के व्यापारियों की यह मांग निरंतर हो रही है, ऐसे में सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए था.

पवन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष

राज्यवासी निर्बाध विद्युत आपूर्ति के अभाव में त्रस्त हैं, हमें उम्मीद थी कि सरकार राज्यवासियों की पीड़ा को समझते हुए विद्युत व्यवस्था निजी हाथों में सौंपेगी. उद्योगों के लिए निम्न दर पर जमीन की उपलब्धता हो, इसे देखते हुए विद्युत आपूर्ति बजट में प्राथमिकता देने की जरूरत थी, क्योंकि प्रदेश में जमीन की वर्तमान दर पर भूमि खरीदकर उद्योग लगाना संभव नहीं है, किंतु ऐसा नहीं करना चिंतनीय है.

मनीष सर्राफ, कार्यकारिणी सदस्य

बजट में व्यापार-उद्योग जगत के लिए बजट में विशेष प्रावधान नहीं हैं. आम चुनाव को देखते हुए इस बार बजट में ग्रामीण क्षेत्र और किसान के विकास पर ध्यान केंद्रि‍त किया गया है.

दीनदयाल वर्णवाल, उपाध्यक्ष

हर जिला में कोल्ड स्टोर खोलने की घोषणा स्वागतयोग्य है. इससे पूर्व में ही 20-40 लाख जीएसटी की सीमा को बढाया गया था, जिससे झारखंड के 80 हजार व्यापारी को राहत मिली थी. इस हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार को बधाई. बजट से हर वर्ग को फायदा होगा.

संजय अखौरी, व्यवसायी

देश में सबसे अधिक रोजगार एफएमसीजी से ही उत्पन्न होता है. यह भी देखा जाय तो एक छोटा व्यापारी कम लागत में काम करता है, लेकिन बजट में व्यापारियों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं करना चिंतनीय है. झारखंड बजट के माध्यम से सरकार को छोटे व्यापारियों के हित में कुछ विशेष प्रावधान लाना अच्छा प्रयास होता.

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