न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

ब्रिटिश ईसाई धर्मगुरु ने #JallianwalaMassacre के लिए  दंडवत होकर माफी मांगी, कहा , मैं शर्मसार हूं…

ईश्वर से माफ कर देने की प्रार्थना करते हुए धर्मगुरु जस्टिन वेल्बी जमीन पर दंडवत मुद्रा में लेट गये. धर्मगुरु ने बार-बार इस घटना पर दुख प्रकट किया.

45

Amritsar : ब्रिटिश ईसाई धर्मगुरु आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी जस्टिन वेलबी ने मंगलवार को पंजाब के जलियांवाला बाग मेमोरियल में सिर झुकाकर भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी. ईसाई धर्मगुरु ने कहा कि 1919 में यहां पर जो अपराध हुआ था, वह उसके लिए शर्मसार हैं और माफी मांगते हैं.इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार ईश्वर से माफ कर देने की प्रार्थना करते हुए धर्मगुरु जस्टिन वेल्बी जमीन पर दंडवत मुद्रा में लेट गये. धर्मगुरु ने बार-बार इस घटना पर दुख प्रकट किया.

जान लें कि 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश इंडियन आर्मी के सैनिकों ने जनरल डायर के आदेश पर निहत्थे लोगों को गोलियों से भून डाला था. इस घटना के 100 साल बीत जाने के बाद भी ब्रिटेन ने इसके लिए औपचारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है.

इसे भी पढ़ेंः#JPSC की कार्यशैली पर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं छात्र, पढ़ें-क्या कहा छात्रों ने…. (छात्रों की प्रतिक्रिया का अपडेट हर घंटे)
मैं  पश्चाताप जताने आया हूं

खबरों के अनुसर जस्टिन वेल्बी ने जलियांवाला नरसंहार में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा, मैं ब्रिटिश सरकार के लिए तो कुछ नहीं कह सकता. ना ही मैं सरकार का प्रवक्ता हूं लेकिन मैं ईश्वर के नाम पर बोल सकता हूं. यह पाप और मुक्ति का स्थान है. आपने याद रखा है कि उन्होंने क्या किया और उनकी यादें जिंदा रहेंगी.

यहां हुए अपराध को लेकर मैं बहुत दुखी और शर्मिंदा हूं. धार्मिक नेता होने के चलते मैं इस पर शोक व्यक्त करता हूं. जस्टिन ने कहा, ‘यहां मैं उन लोगों के प्रति दुख और पश्चाताप जताने आया हूं, जो ब्रिटिश गोलियों से मारे गये. मैं सरकार की ओर से कुछ नहीं कह सकता लेकिन मैं पश्चाताप जता सकता हूं.

जनसत्ता रिपोर्ट के अनुसार ईसाई धर्मगुरु ने कहा कि सैकड़ों साल पहले इस जगह पर हुई घटना को देखकर शर्म आती है. मैं इस घटना में मारे गये लोगों और उनके परिजनों के लिए प्रार्थना करता हूं. मैं यह प्रार्थना इसलिए कर रहा हूं ताकि हम इतिहास से सीख सकें.

आर्कबिशप से नरसंहार पर माफी मांगने के बाद ब्रिटिश सरकार के रुख को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैंने जो महसूस किया, उसे बारे में काफी सोचा. मुझे लगता है कि इसके बारे में इंग्लैंड में भी प्रचारित किया जायेगा.  

इसे भी पढ़ेंः स्वामी चिन्मयानंद की बढ़ती मुश्किलें, लड़की से मसाज कराते वीडियो वायरल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है कि हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें. आप हर दिन 10 रूपये से लेकर अधिकतम मासिक 5000 रूपये तक की मदद कर सकते है.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें. –
%d bloggers like this: