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खंता से बरामद हड्डियां गिरिडीह सीसीएल के पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी भोला सिंह की थीं, एफएसएल जांच रिपोर्ट में हुई पुष्टि

  • एक साल पहले हत्या कर अगदोनीकला गांव के खंते में डाल दिया गया था शव

Giridih : गिरिडीह सीसीएल के अगदोनीकला गांव के खंता से बरामद हड्डियां पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी भोला सिंह की थीं. यह बात फोरेंसिक जांच में स्पष्ट हुई है. एक साल बाद एफएसएल जांच रिपोर्ट रांची पुलिस मुख्यालय ने गिरिडीह पुलिस को सौंपी है. इस रिपोर्ट में कई और बातों का जिक्र है, जिससे स्पष्ट हुआ है कि दो कोयला चोरों ने सीसीएल के सुरक्षा पदाधिकारी की हत्या कर उनके शव को अगदोनीकला गांव के सुलगते खंता में डाल दिया था. हत्या के कुछ दिनों बाद पुलिस को खंता से हड्डियां बरामद हुई थीं. इस हत्याकांड में सोहेल शेख और पप्पू मरीक आरोपी हैं.

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बेटे से मैच हुआ डीएनए

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एफएसएल जांच रिपोर्ट तीन दिनों पहले गिरिडीह पुलिस को मिली. इसमें मृतक और उनके बेटे मनीष सिंह की डीएनए रिपोर्ट का जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि मृतक और मनीष सिंह का डीएनए मैच हो गया है. एफएसएल जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ है कि हत्या में इस्तेमाल किये गये चाकू पर लगा खून पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी भोला सिंह का ही था.

यह था मामला

बता दें कि 30 जून 2019 को सीसीएल के पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी भोला सिंह मुफस्सिल थाना से निकलकर सीसीएल इलाके में रहनेवाले अपने करीबी हरिवल्लभ से मुलाकात करने उनके घर गये हुए थे. दूसरे दिन एक जुलाई को गिरिडीह से परियोजना कार्यालय जाने के रास्ते भदुआपहाड़ी के समीप उनका जूता, जींस और जमीन पर खून मिला. लेकिन, उनकी बाइक और उनका शव नहीं मिले थे. 11 जुलाई 2019 को तलाशी के क्रम में पुलिस को भदुआपहाड़ी के चानक से मृतक की बाइक बरामद हुई थी.

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पूर्व एसपी सुरेंद्र झा के निर्देश पर पूर्व एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, मुफस्सिल थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर और नगर थाना प्रभारी रामनारायण चौधरी ने काफी प्रयास के बाद इस हत्याकांड के दो आरोपियों पप्पू मरीक को कोलकाता से और सोहेल शेख को यूपी के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने कहा था कि दोनों आरोपियों ने सुरक्षा पदाधिकारी भोला सिंह की हत्या कर खंता में शव को डालने की बात कबूली थी. पूछताछ में ही दोनों ने कबूला था कि भोला सिंह की हत्या का कारण अवैध कोयले को लेकर सोहेल शेख के पिता से वसूली करना था. उस वक्त पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू में लगे खून के साथ जमीन पर पड़े खून के सैंपल और हड्डियों के साथ घटना स्थल से मिली जींस और रूमाल को एफएसएल जांच के लिए भेजा था. अब एक साल से भी अधिक समय बीतने के बाद जांच रिपोर्ट आयी है.

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