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2019 को लेकर भाजपा में मंथन,  सुषमा ,  कड़िया मुंडा,  जोशी, शत्रुघ्न सिन्हा  सहित 150  सांसदों का पत्ता होगा साफ!  

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 NewDelhi : 2019 का लोकसभा चुनाव सर पर है. पूरा विपक्ष नरेंद्र मोदी और भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए महागठबंधन बनाने की कवायद में जुट गया है. खबर है कि पूरे जोर-शोर से 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा में गहन मंथन शुरू हो गया है. भाजपा हर हालत में सत्त्ता बरकरार रखना चाहती है. अखबार आनंद बाजार पत्रिका के अनुसार नरेंद्र मोदी ने इस बार 150 मौजूदा सांसदों के टिकट काटने का मंसूबा बनाया है. कुछ नाम चौंकानेवाले हैं. इस सूची में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राधामोहन सिंह और पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष करिया मुंडा भी शामिल हो सकते हैं.

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बीमारी की वजह से सुषमा स्वराज टिकट से वंचित हो सकती हैं

हालांकि  बीमारी की वजह से सुषमा स्वराज टिकट से वंचित हो सकती हैं. बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने पहले ही एलान कर दिया है कि वे आगामी  चुनाव नहीं लड़ना चाहते. वहीं मुरली मनोहर जोशी, कड़िया मुंडा,  शांता कुमार और बीसी खंडूरी के टिकट बढ़ती उम्र के नाम पर काटे जा सकते हैं. हालांकि लालकृष्ण आडवाणी अपवाद हैं उनका टिकट काटा जायेगा या नहीं अभी इस बात का कोई जिक्र नहीं है. साथ ही पटना से शत्रुघ्न सिन्हा, दरभंगा से कीर्ति आजाद का पत्ता भी कट सकता है. ग जिन 150 सांसदों पर गाज गिरने वाली है, उनमें अधिकांश बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से हैं.

 

शीर्ष भाजपा नेत्तृत्व में मंथन चल रहा है कि 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रचंड जीत मिली थी, लेकिन  वर्तमान में सांसदों की संख्या लगातार कम होती रही है. 2014 में जहां पार्टी के कुल 282 सांसद जीतकर लोकसभा पहुंचे थे, उनकी संख्या अब घटकर 272 रह गई है. पिछले कई उप चुनावों में भाजपा  की करारी हार हुई है. यूपी के दो उप चुनावों में भाजपा को तीन लोकसभा सीटों (गोरखपुर, फूलपुर और कैराना) पर हार का सामना करना पड़ा है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी भाजपा हार चुकी है.   अभी भाजपा के पास राजस्थान में 25 सीटें, हिमाचल में चार, दिल्ली में सात, उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 71, छत्तीसगढ़ में 11 में से 10, मध्य प्रदेश में 29 में से 27 सीटें हैं.

 

भाजपा को डर है कि इन राज्यों में पार्टी की सीटें आधी हो सकती हैं. यही कारण है की भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है. बता दें कि भाजपा असम,  उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में सीटों को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस बारे में आरएसएस के साथ बात कर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मौजूदा 200 सासंदों का टिकट काटने का प्रस्ताव दिया था,  लेकिन बाद में इन्हें घटाकर 150 किया गया है.  कहा गया कि पार्टी प्रधानमंत्री नमो ऐप के माध्यम के साथ ही कई गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से सांसदों के काम का मूल्यांकन कर रही हैं. कई  सांसदों को चेताते हुए उन्हें सही से काम करने को कहा गया है.

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