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जमीन अधिग्रहण नहीं होना शहरी विकास में सबसे बड़ी बाधा: नगर विकास सचिव

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Ranchi: रांची स्मार्ट सिटी के लिए किन-किन क्षेत्रों में टेक्निकल असिस्टेंस की आवश्यकता है, उसे लेकर नगर विकास विभाग ने यूनाइटेड किंगडम के अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग के साथ एक बैठक की. प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना एक बड़ी चुनौती है. वहीं शहरी विकास नहीं हो पाने के पीछे कारण यह है कि हमें एक साथ कोई बड़ा जमीन का टुकड़ा नहीं मिलना और जमीन अधिग्रहण इसके पीछे सबसे बड़ी बाधा है. इसके लिए हमें कड़े नियम बनाने की आवश्यकता है. इसे लेकर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है. इसके पहले रांची नगर निगम सभागार में भी रांची स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर कंसल्टेंट ने अधिकारियों से फीडबैक भी लिया. इस दौरान स्मार्ट सिटी बनाने में आ रही परेशानी पर विस्तृत चर्चा की गयी.

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सचिव से मिला प्रतिनिधिमंडल, स्मार्ट कार्यों को लेकर हुई चर्चा

यूनाइटेड किंगडम के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को बताया कि किन-किन क्षेत्रों में टेक्निकल असिस्टेंस उपलब्ध कराकर रांची स्मार्ट सिटी को और आगे ले जाने में सहयोग किया जा सकता है.

इस दौरान सचिव ने झारखंड में स्मार्ट अर्बनाइजेशन के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की चर्चा की. मालूम हो कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इससे पहले नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ शहर के विकास को लेकर एक कार्यशाला में आयोजित की गयी थी.

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शहरी यातायात व्यवस्था बड़ी चुनौती, इस पर हो कार्य

विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है. इसके लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, पर इसमें सफलता नहीं मिल रही है. हमें इस क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की जरूरत है. सचिव ने कहा कि झारखंड में प्लानिंग के तहत शहरों का विकास नहीं हो पा रहा है इसके लिए सबसे बड़ी समस्या जमीन अधिग्रहण का है. इसके लिए कई नियम बनाये गये है. हालांकि नियमों को बिना छेड़छाड़ किए हम कैसे बेहतर प्लान सिटी बना सकें. इस क्षेत्र में भी काम करने की जरूरत है.

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इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट पर बने ठोस नीति

सचिव ने कहा कि शहरों में इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट को लेकर कुछ ठोस नीति बनाने की जरूरत हैं, जिससे सड़कों के साथ अन्य यूटिलिटी सर्विसेज का भी काम एक साथ हो. सचिव ने रांची स्मार्ट सिटी के अंदर शैक्षणिक संस्थानों के निवेश पर भी तकनीकी सहयोग को लेकर चर्चा की. उन्‍होंने कहा कि विश्व के टॉप 200 सूची में शामिल विश्वविद्यालयों को स्मार्ट सिटी के अंदर विशेष प्राथमिकता और सहूलियत दी जाएगी.

निगम के अधिकारियों से ली गयी फीडबैक

स्मार्ट सिटी को लेकर बैठक करते मेयर आशा लकड़ा

इससे पहले रांची नगर निगम सभागार में रांची को स्मार्ट सिटी बनाने पर अधिकारियों से फीडबैक ली गयी. फीडबैक लेने के दौरान इन स्मार्ट बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी. इसमें सीवरेज-ड्रैनेज, एजुकेशन हब, अंडरग्राउंड इलेक्ट्रीसिटी, स्ट्रीट वेंडर, हेल्थ सेक्टर, ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्रीज पर चर्चा की गयी. इस दौरान मेयर आशा लकड़ा, उपनगर आयुक्त संजय कुमार सहित कई सिटी मैनेजर उपस्थित थे.

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