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पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर की नजर में आतंकी मसूद अजहर और दलाई लामा एक बराबर

Islamabad : भारत द्वारा पाकिस्तान में दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक किये जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखला सा गया है.  पाकिस्तान को अब अमन के देवता और खूंखार आतंकी में फर्क भी नहीं समझ आता है.  पाकिस्तान अपने देश में अमन को किस तरह देखता है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना खूंखार आतंकी मसूद अजहर को नोबेल शांति पुरुस्कार के विजेता दलाई लामा से जोड़कर देखा है. पाकिस्तानी टेलीविजन पत्रकार हामिद मीर गुरुवार 14 मार्च को सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल कर दिये गये, क़्योंकि उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर से तिब्बत के सबसे बड़े धर्म गुरु दलाई लामा की तुलना कराई दी, जो कि दुनिया भर में शांति का संदेश फैलाने को लेकर जाने जाते हैं.  लोगों ने इसी पर मीर की क्लास लगा दी और बोले कि लिखने से पहले कुछ तो सोच लिया करिए.

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ऐसे लोगों ने ट्वीट्स में लिखा-दलाई लामा जहां भी जाते हैं, उनका वहां सम्मान होता है. वह नोबेल शांति पुरस्कार विजेता भी हैं, मगर जब भी पाकिस्तानी पीएम अमेरिका और ब्रिटेन सरीखे देश जाते हैं, तब उनके कपड़े तक उतरवा कर चेकिंग की जाती है.

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भारत चीन के दुश्मन दलाई लामा को सालों से पनाह दे रहा है

हामिद मीर ने एक ट्वीट कर लिखा कि यह समझा जा सकता है कि चीन आखिर क्यों मसूद अजहर के मामले में अड़ंगा डाल रहा है, आखिर भारत चीन के दुश्मन दलाई लामा को सालों से पनाह दे रहा है. इस ट्वीट के साथ हामिद मीर ने एक लिंक भी पोस्ट किया है जिसके अनुसार चीन ने दलाई लामा पर आतंक फैलाने और फिदायीन हमले करने के लिए लोगों को उकसाने का आरोप लगाया है. लिंक है सिड्नी मॉर्निंग हेराल्ड की एक स्टोरी का.  कहा गया कि खुद को पत्रकार कहने वाले हामिद मीर ने नहीं देखा कि ये स्टोरी कितनी पुरानी है. 2008 की स्टोरी जिसमें तिब्बत में होने वाले ओलिंपिक खेलों से पहले दलाई लामा पर चीन द्वारा लगाये गये आरोप की बात है. इसी स्टोरी में नीचे यह भी लिखा है कि तिब्बत की ओर से ये सारे आरोप खारिज किये गये हैं और कहा गया है कि सारी समस्या चीन की तरफ से खड़ी की गयी है.

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने को लेकर अमेरिका, फ्रांस तथा ब्रिटेन ने प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें चीन ने अड़ंगा अड़ा दिया.  चीन ने अजहर का बचाव किया और कहा कि वह चाहता है कि इस मसले का हल बातचीत के जरिए निकले.

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