Crime NewsJharkhandRanchi

टेरर फंडिंग मामला: ट्रांसपोर्टर सुदेश केडिया व नक्सली बीरबल गंझू की जमानत याचिका खारिज

Ranchi: मगध और आम्रपाली कोल परियोजना में टेरर फंडिंग के मामले में बुधवार को हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने टेरर फंडिंग के आरोपी नक्सली बीरबल गंझू और ट्रांसपोर्टर सुदेश केडिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.

इससे पूर्व में अदालत ने बहस पूरी होने पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. बुधवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने इस मामले में दोनों को जमानत देने से इंकार कर दिया. इस मामले की जांच एनआइए कर रही है.

इसे भी पढ़ें- आयुष मंत्रालय ने बनायी कोरोना की दवा आयुष-64, जयपुर में शुरू हुआ क्लिनिकल ट्रायल

SIP abacus

10 जनवरी को सुदेश केडिया को एनआइए ने किया था गिरफ्तार

Sanjeevani
MDLM

चतरा के टंडवा स्थित मगध आम्रपाली कोल परियोजना से टेरर फंडिंग मामले में एनआइए ने पूरक चार्जशीट के दो आरोपी अजय एवं सुदेश केडिया को एनआइए ने 10 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. सुदेश केडिया पांच साल से कोयला व्यापार से जुड़े हैं. मध्यम वर्गीय परिवार से आनेवाले सुदेश केडिया कुछ साल पहले तक ट्रांसपोर्ट और मोटर पार्ट्स के व्यवसाय से जुड़े थे. कोयला व्यवसाय में आने के बाद उनके पास काफी पैसा आने की चर्चाएं होने लगीं.

इसे भी पढ़ें- 15 अगस्त से पहले शुरू नहीं होंगी ये ट्रेनें, रेलवे के इस फैसले से मिल रहे संकेत

क्या है पूरा मामला

चतरा के टंडवा थाने में दर्ज प्राथमिकी 22/18 को एनआइए ने टेकओवर करते हुए जांच शुरू की थी. यह मामला सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी और शांति समिति के बीच समन्वय को लेकर लेवी वसूली से संबंधित है. एनआइए ने सीसीएल कर्मी सुभान खान सहित 14 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी.

चार्जशीट में लिखा था कि टीएसपीसी को लेवी देने के लिए ऊंची दर पर मगध व आम्रपाली कोल परियोजना से कोयला ढुलाई का ठेका लिया गया था. इसमें टीएसपीसी उग्रवादी आक्रमण जी ने अनुशंसा की थी और ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह को ठेका मिला था. इसमें मिली राशि का बड़ा हिस्सा टीएसपीसी को जाता था.

इसे भी पढ़ें- Petrol Diesel Price: पहली बार पेट्रोल से महंगा डीजल, जानें क्या है आज का भाव

6 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button