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टेरेसा ने फुटबाल विश्व कप की संयुक्त मेजबानी की बोली का किया समर्थन

जहां अर्जेंटीना ने पराग्वे और उरुग्वे के साथ मिलकर अप्रैल में मेजबानी के लिए दावा पेश करने फैसला किया है.

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Delhi : ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने 2030 फुटबाल विश्व कप की मेजबानी के लिए इंग्लैंड और आयरलैंड की संभावित बोली को पूरा समर्थन दिया. टेरेसा के इस बयान ने लैटिन अमेरिकी देशों की चुनौती बढ़ गयी है. जहां अर्जेंटीना ने पराग्वे और उरुग्वे के साथ मिलकर अप्रैल में मेजबानी के लिए दावा पेश करने फैसला किया है.

इंग्लैंड की टीम ने जून-जुलाई में रूस में खेले गये विश्व कप टूर्नामेंट में इंग्लैंड की युवा टीम ने उम्मीदों के विपरीत शानदार प्रदर्शन किया था. सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था जिसके बाद प्रशंसकों में इस खेल का जुनून और देशभक्ति चरम पर है.

विश्व कप में 48 टीमें होगी शामिल

दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंट के तौर पर मशहूर फुटबाल विश्व कप में टीमों की संख्या 32 से बढ़कर 48 हो जाएगी. 2022 से कतर की मेजबानी में होने वाले विश्व कप में 48 टीमें भाग लेगी. इस बदलाव का मतलब यह है कि पर्याप्त आधारभूत संरचना वाले देश भी मेजबानी के मामले में बड़े पैमाने पर होने वाले इस प्रतियोगिता के दबाव को मुश्किल से ही झेल सकेंगे.

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विश्व कप के 2026 सत्र की मेजबानी अमेरिका के साथ मेक्सिको और कनाडा को संयुक्त रूप से सौपी गयी हैं.

सरकार का मिलेगा पूरा समर्थन

टेरेसा ने कहा कि रूस में हुए विश्व कप में टीम के प्रदर्शन ने उन्हें इस बोली का समर्थन देने करने के लिए उत्साहित किया.

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उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए विश्व कप के दौरान प्रशंसकों के उत्साह को देखते हुए इंग्लैंड फुटबाल संघ, स्कॉटलैंड, वेल्स, नॉर्दन आयरलैंड और आयरलैंड के साथ मिलकर 2030 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी के लिए बोली लगाने की योजना बना रहा. बोली लगाने का फैसला हालांकि फुटबाल संघ का होगा लेकिन इस मुद्दे पर उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा.

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